ढिबरा-क्रशर को उद्योग का दरजा मिले, नहीं तो आंदोलन
Updated at : 05 Mar 2016 8:49 AM (IST)
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डोमचांच. जिला प्रशासन की ओर से पिछले कुछ दिनों से ढिबरा व क्रशर व्यवसाय पर बरती जा रही सख्ती का विरोध शुरू हो गया है. शुक्रवार को प्रखंड के मसनोडीह टांड़ पर आमलोगों, व्यवसायियों व मजदूरों की बैठक हुई. बैठक में ढोढाकोला, मसनोडीह, बेहराडीह, पुतो, जोड़ासिमर, अरैया, नावाडीह, करमी कुंड, बंगाखलार, बसवरिया, सिमरिया, मधुबन, जियोरायडीह […]
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डोमचांच. जिला प्रशासन की ओर से पिछले कुछ दिनों से ढिबरा व क्रशर व्यवसाय पर बरती जा रही सख्ती का विरोध शुरू हो गया है. शुक्रवार को प्रखंड के मसनोडीह टांड़ पर आमलोगों, व्यवसायियों व मजदूरों की बैठक हुई.
बैठक में ढोढाकोला, मसनोडीह, बेहराडीह, पुतो, जोड़ासिमर, अरैया, नावाडीह, करमी कुंड, बंगाखलार, बसवरिया, सिमरिया, मधुबन, जियोरायडीह गांव के पुरुष व महिलाएं शामिल हुए. मौके पर पूर्व जिप सदस्य सह माले नेता रामधन यादव ने कहा कि सरकार ढिबरा व क्रशर व्यवसाय को उद्योग का दर्जा दें और अपनीमनमानी बंद करें, नहीं तो कार्रवाई के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन होगा. उन्होंने कहा कि सभी व्यवसायी एकजुट हों.
सरकार आज रोजी-रोटी छीनने पर लगी है. उन्होंने कहा कि कुछ नेता चुनाव के वक्त बड़े वादे करते हैं पर चुनाव के बाद सभी गायब हो जाते है. रामधन ने कहा कि संगठन बनाकर लड़ाई लड़ने की जरूरत है. बैठक में प्रशासन की सख्ती के विरोध में पांच मार्च को प्रतिवाद मार्च निकालने का निर्णय लिया गया. बैठक को माले के जिला सचिव मोहन दत्ता, प्रेम प्रकाश, राजेंद्र मेहता, बलदेव मुर्मु ने भी संबोधित किया. बैठक में बबन मेहता, शंकर मेहता, अरुण मेहता, मनोहर मेहता, प्रदीप मेहता, राजू मेहता, अशोक मेहता, महेंद्र मेहता, प्रकाश, दशरथ, हरिलाल, वकील, रामकिशुन, राजकुमार, लल्लू, सुभाष, मुखिया राजेंद्र मेहता, हरि तुरिया, लक्ष्मण मेहता, अर्जुन साव आदि मौजूद थे.
आइडीबीआइ बैंक कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर किया काम
आइडीबीआइ शाखा झुमरीतिलैया के कर्मचारियों ने सरकार द्वारा बैंक को निजीकरण करने के निर्णय के विरोध में शुक्रवार को काला बिल्ला लगाकर विरोध किया. कर्मचारियों ने बताया कि संसद मे पेश किये गये अंतिम बजट में प्रस्तावित आइडीबीआइ बैंक की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से नीचे करने की बात कही गयी है, अगर ऐसा होता है, तो बैंक पब्लिक सेक्टर बैंक की सूची से हटकर निजी बैंक की सूची में शामिल हो जायेगा, जो गलत है.
पब्लिक सेक्टर बैंक समझकर नौकरी करनेवाले कर्मचारियों के साथ धोखा है. हमलोग सरकार के इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए अपील करते हैं कि पहले जैसी यथास्थिति को बरकरार रख बैंक कर्मियों को सहायता करें. आगे की रणनीति के बारे मे कर्मियों ने बताया कि यूनियन कोर कमेटी द्वारा सरकार के फैसले को बदलने तक विरोध जारी रहेगा.
अगर हमारी समस्या पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया, तो आइडीबीआइ के ऑल इंडिया बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं. विरोध प्रकट करने वालों में शाखा प्रबंधक रूपेश शंकर, उपप्रबंधक रंजन कुमार सिंह, नताशा सिंघानिया, निखिल टोप्पो, अनुराधा मंगलम, स्वाति कच्छप व अन्य शामिल थे.
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