ओके...शिकायत के बाद दल्लिी की टीम कोडरमा आ पहुंची

Updated at : 02 Dec 2015 7:32 PM (IST)
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ओके...शिकायत के बाद दल्लिी की टीम  कोडरमा  आ पहुंची

अोके…शिकायत के बाद दिल्ली की टीम कोडरमा आ पहुंची 2कोडपी8तिलैया में कार्रवाई करती राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम.2कोडपी13परिसदन में जानकारी देते मानवाधिकार आयोग की टीम के सदस्य.राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने तिलैया में विभिन्न होटलों में की छापामारी. पत्र भेजने के बावजूद स्थानीय प्रशासन नहीं कर रहा था कार्रवाई.13 बाल मजदूर मुक्त कराये गये […]

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अोके…शिकायत के बाद दिल्ली की टीम कोडरमा आ पहुंची 2कोडपी8तिलैया में कार्रवाई करती राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम.2कोडपी13परिसदन में जानकारी देते मानवाधिकार आयोग की टीम के सदस्य.राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने तिलैया में विभिन्न होटलों में की छापामारी. पत्र भेजने के बावजूद स्थानीय प्रशासन नहीं कर रहा था कार्रवाई.13 बाल मजदूर मुक्त कराये गये प्रतिनिधि, कोडरमा बाजार. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली की टीम मंगलवार शाम को जब कोडरमा पहुंची तो किसी ने यह सोचा भी ना होगा की टीम यहां बाल श्रमिकों को मुक्त कराने आयी है. दिल्ली से आने टीम के सदस्य सहायक निबंधक विधि इंद्रजीत कुमार व पुलिस उपाधीक्षक दिल्ली राजवीर सिंह बुधवार सुबह को ही तिलैया में औचक छापामारी के लिए निकल गये. टीम के सदस्यों ने एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार व श्रम अधीक्षक रामवचन पासवान के अलावा तिलैया पुलिस के कुछ कर्मियों को साथ में ही ले लिया था. टीम मे सबसे पहले महाराणा प्रताप चौक के पास स्थित एक होटल में छापामारी की. इसके बाद जवाहर टाकिज के पास स्थित होटल में टीम की इस औचक छापामारी से बाजार में हडकंप मच गया. टीम के सदस्यों ने शहर के बजरंगी होटल, गणेश होटल, सीएच स्कूल रोड स्थित राम प्रसाद का होटल, निर्मल होटल, छाबडा होटल, जनता होटल, विशुनसाव का होटल, बिहार नेशनल, क्वालिटी रेस्टूरेंट, आनंद विहार ने जांच की. इस दौरान विभिन्न जगहों से 13 बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया. इनमें से एक बाल मजदूर की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. छापामारी अभियान के बाद कोडरमा स्थित परिसदन में पत्रकारों से बातचीत के क्रम में आयोग के इंंद्रजीत कुमार ने कहा कि एनजीओ के संचालक डॉ निलीन रघुवंश सिंह ने आयोग से शिकायत की थी कि झुमरीतिलैया के कई होटलों में बाल श्रम कराया जाता है. शिकायत के आलोक में आयोग से आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया था, पर कार्रवाई नहीं हुई. इस कारण आयोग द्वारा मामले की जांच के लिए उनके नेतृत्व मे टीम भेजी गयी. इंद्रजीत ने कहा कि छापामारी के दौरान इतने बाल मजदूर बरामद होना चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नियमित रूप से अभियान चलाने हर हाल में बाल मजदूरी पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है. साथ ही मुक्त किये गये बाल मजदूरों के पुनर्वास के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. फिलहाल बच्चों को सीडब्लूसी को सौंपा गया है. छापामारी अभियान के दौरान सीओ अतुल कुमार भी थे.

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