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DVC के कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन में लिफ्ट ट्रॉली टूटकर गिरने से हादसा,4 की मौत,सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल

कोडरमा के बांझेडीह में KTPS पावर प्लांट में गुरुवार को बड़ा हादसा हुआ. लिफ्ट ट्रॉली टूटकर गिरने से 4 लोगों की मौत हो गयी. मृतकों में श्री विजया कंपनी के प्रोजेक्ट अफसर समेत दो इंजीनियर और एक बिहार के गया का रहने वाला है. इस हादसे के बाद से प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
DVC द्वारा संचालित KTPS पावर प्लांट में हादसा. लिफ्ट ट्रॉली टूट कर गिरने चार लोगों की हुई मौत.
DVC द्वारा संचालित KTPS पावर प्लांट में हादसा. लिफ्ट ट्रॉली टूट कर गिरने चार लोगों की हुई मौत.
प्रभात खबर.

Jharkhand News (जयनगर ,कोडरमा) : DVC द्वारा बांझेडीह में संचालित कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (KTPS) में गुरुवार को बड़ा हादसा हुआ. यहां लिफ्ट ट्रॉली के टूट कर गिर जाने से इस पर सवार चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों में श्री विजया कंपनी के एमडी (42 वर्षीय) कृष्णा प्रसाद कोदली पिता नंद कुमार निवासी नागपुर महाराष्ट्र, प्रोजेक्ट हेड (50 वर्षीय) डॉ विनोद चौधरी निवासी नागपुर महाराष्ट्र, सेफ्टी इंजीनियर (30 वर्षीय) नवीन कुमार पिता रघुनंदन सिंह निवासी तेतरपुर गया बिहार एवं SVECPL कंपनी के इंजीनियर (30 वर्षीय) कार्तिक सागर पिता फार्मूला रमुल्लानगर यारामरम निवासी कर्नाटक शामिल हैं. घटना दोपहर बाद करीब 3:30 बजे की है.

घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा. आनन-फानन में ट्राली टूटने से गिरे लोगों को सदर अस्पताल कोडरमा ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया. घटना को लेकर DVC प्रबंधन देर शाम तक अपना पक्ष रखने को तैयार नहीं था.

जानकारी के अनुसार, श्री विजया कंपनी के हेड निर्माणाधीन चिमनी का निरीक्षण करने के लिए निकले थे. लौटने के क्रम में करीब 80 मीटर की ऊंचाई से उनकी ट्रॉलीनुमा लिफ्ट स्लिप कर गयी. ट्रॉली के जोरदार धमाके के साथ इस पर सवार कृष्णा प्रसाद, नवीन कुमार के अलावा कार्तिक सागर व विनोद चौधरी सीधे जमीन पर आ गिरे. सूत्रों के अनुसार, इनमें से कृष्णा प्रसाद व नवीन कुमार की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी जबकि कार्तिक व विनोद की मौत सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में हो गयी.

जानकारी सामने आयी है कि DVC के FDD प्लांट के चिमनी निर्माण का कार्य थर्मेक्स कंपनी ने लिया है. थर्मेक्स ने पेटी कांट्रैक्ट के रूप में यह काम श्री विजया कंपनी को दी है. प्लांट परिसर में सुरक्षा के मानकों के अनुपालन को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं. एक वर्ष पूर्व भी यहां इलेक्ट्रीक पैनल ब्लास्ट में प्लांट के दो मजदूर राजेंद्र यादव व रंजीत कुमार गंभीर रूप से झुलस गये थे. इधर, इस नयी घटना पर पक्ष लेने के लिए प्रभात खबर ने केटीपीएस के परियोजना प्रधान उदय कुमार से मोबाइल पर संपर्क साधने की कोशिश की, पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

लिफ्ट ट्रॉली टूट कर गिरने से 4 की मौत : एसपी

इस संबंध में कोडरमा एसपी कुमार गौरव ने कहा कि DVC के प्लांट में लिफ्ट ट्रॉली टूट कर गिरने से 4 लोगों की मौत हुई है. ट्रॉली गिर जाने की वजह से निर्माणाधीन चिमनी में कुछ मजदूर फंस गये हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास चल रहा है. घटना किस वजह से हुई यह जांच का विषय है. पुलिस घटनास्थल पर जांच कर रही है. इस संबंध में शिकायत आने पर पुलिस केस दर्ज करेगी.

हादसे के बाद उठे कई सवाल

DVC द्वारा बांझेडीह में संचालित 1000 मेगावाट के पावर प्लांट में गुरुवार को हुए बड़े हादसे के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. खासकर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर पहले से उठ रहे सवालों को बल मिला है. प्लांट में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं होने से बीच-बीच में घटनाएं होती रहती है. हालांकि, यह अब तक का सबसे बडा हादसा है. लोगों की मानें, तो लापरवाही के कारण यह बड़ी घटना हुई है.

जानकारी के अनुसार, विभिन्न धरना-प्रदर्शन और आंदोलन में मेंटेनेंस कंपनी के मजदूरों द्वारा भी सेफ्टी की मांग लगातार की जा रही है. बावजूद इसके सेफ्टी की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाये जाने के कारण इस प्रकार की घटनाएं घट रही है. स्थानीय लोगों की मानें, तो कंपनी के मालिकों का यह हाल है तो स्थानीय मजदूरों का क्या हाल होगा. यही नहीं जिस प्रकार एफडीडी प्लांट के चिमनी निर्माण का कार्य थर्मेक्स कंपनी ने लिया और बाद में पेटी कांट्रैक्ट के रूप में यह काम श्री विजया कंपनी को दे दिया उससे भी सवाल उठ रहे हैं.

इधर, घटना के बाद प्लांट परिसर से लेकर बाहर तक अफरा तफरी का माहौल रहा. चारों को तो सीधे सदर अस्पताल ले जाया गया, पर हादसे के बाद कुछ मजदूर चिमनी के ऊपर फंस गये. ट्रॉली नीचे गिर जाने से ये ऊपर ही फंसे थे. देर शाम घटना की सूचना पर पहुंची जयनगर पुलिस व प्रबंधन मजदूरों को सुरक्षित निकालने में जुटे थे. वहीं, सदर अस्पताल में भी काफी लोगों की भीड़ लगी रही.

एक्टू ने डीवीसी पर साधा निशाना

घटना पर एक्टू के जिला संयोजक सह यूनियन सचिव विजय पासवान ने दुख जताया है. साथ ही डीवीसी व कंपनी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अगर सेफ्टी की पूरी व्यवस्था होती तो यह घटना नहीं घटती. हम मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाये.

घटना के लिए थर्मेक्स कंपनी जिम्मेवार : विधायक

इधर, घटना पर विधायक अमित कुमार यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इसके लिए थर्मेक्स कंपनी जिम्मेवार है. जिसने श्री विजया कंपनी को यह काम सौंपा था. थर्मेक्स के पास सेफ्टी के साथ-साथ मैनेजमेंट भी नहीं है. उन्होंने कहा कि थर्मेक्स अपना काम निकलाने के लिए जैसे तैसे काम करा रही है. इससे मजदूरों की जान जोखिम में है. थर्मेक्स की लापरवाही के कारण ही यह घटना घटी है. विधायक ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सांसद सह केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी व केटीपीएस के परियोजना प्रधान से बातचीत की है. अब जब तक सांसद का प्लांट विजिट नहीं होता तब तक प्लांट में कोई काम नहीं होगा. इस संबंध में सांसद ने डीवीसी के चेयरमैन से बातचीत की है.

Posted By : Samir Ranjan.

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