झारखंड में नेता प्रतिपक्ष मामले में दोनों पक्ष छोड़ें रार, सरयू राय ने BJP में वापसी की संभावना से किया इंकार

झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के मामले में दोनों पक्षों को रार छोड़ देनी चाहिए. वहीं, झारखंड विधानसभा स्पीकर को भी अपना फैसला सुना देने की बात कही. हालांकि, उन्होंने बीजेपी में वापसी की संभावना से इंकार किया है.
Jharkhand News (धनबाद) : झारखंड के पूर्व मंत्री सह भारतीय जनतंत्र मोर्चा के संरक्षक सरयू राय ने कहा है कि झारखंड में नेता प्रतिपक्ष के मामले में दोनों पक्षों को रार छोड़ना चाहिए. स्पीकर को भी इस मामले में फैसला सुना देना चाहिए. साथ ही भाजपा को भी बाबूलाल मरांडी की जगह किसी दूसरे को नेता प्रतिपक्ष बनाने पर सोचना चाहिए.
गुरुवार को धनबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का मामला इतना दिनों तक लंबित नहीं रहना चाहिए. जब JVM से कांग्रेस में गये विधायक बंधु तिर्की को पार्टी का प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है, तो उन्हें कांग्रेस विधायक के रूप में मान्यता क्यों नहीं दी जा सकती. इस मुद्दे पर विधानसभाध्यक्ष, मुख्यमंत्री तथा भाजपा नेताओं से भी बात हुई है. सत्ता एवं विपक्ष के बीच इतनी भी खाई नहीं हो कि लोकतंत्र की डोर ही टूट जाये.
पूर्व मंत्री श्री राय ने कहा कि BCCL एवं BSL प्रबंधन की लापरवाही से दामोदर नदी का पानी एक बार फिर प्रदूषित हो रहा है. पाथरडीह वाशरी को कंपनी ने आऊटसोर्स कर दिया है. यहां पर गंदा पानी छोड़ा जा रहा है. यही हाल सुदामडीह में है. जल्द ही BCCL प्रबंधन के साथ वार्ता करेंगे. नगर निगम भी इसके लिए दोषी है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर से दामोदर बचाओ आंदोलन जैसा अभियान चलेगा. BCCL में आऊटर्सोसिंग कंपनियोें में मजदूरों की स्थिति गुलाम जैसी है. 12 घंटा से ज्यादा काम लिया जाता है. दो से पांच हजार रुपया वेतन दिया जा रहा है. इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन होगा.
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श्री राय ने कहा कि राज्य सरकार जब मेयर, पार्षद के लिए सीधा चुनाव करा रही है. तब डिप्टी मेयर, उपाध्यक्ष का भी सीधा चुनाव कराना चाहिए. इससे हॉर्स ट्रेडिंग नहीं होगा. कहा कि तीन सितंबर से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है. उससे पहले सीएम से मिलने की कोशिश करेंगे. कई मुद्दों को उन्होंने उठाया है. इस पर राज्य सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं. भाजपा में वापसी के सवाल पर कहा कि इसकी कोई संभावना नहीं है. इस दौरान भाजमो के केंद्रीय महामंत्री रमेश पांडेय, जिलाध्यक्ष उदय सिंह, अमेय विक्रम भी मौजूद थे.
भाजमो के केंद्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि निकाय चुनाव दलगत नहीं हो रहा है. इसके बावजूद पार्टी अपनी विचारधार वाले प्रत्याशियों का समर्थन करेगी. कहा कि पार्टी दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर सदस्यता अभियान शुरू करेगी. क्योंकि पार्टी दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को मानती है. वह किसी पार्टी विशेष के ट्रेड मार्क नहीं हो सकते.
Posted By : Samir Ranjan.
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