खूंटी. खूंटी जिला संतमत सत्संग का दो दिवसीय वार्षिक सत्संग मुरहू चौक में गुरुवार को प्रारंभ हुआ. सत्संग के पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत भजन-कीर्तन, ईश स्तुति, ग्रंथ पाठ रामचरितमानस से किया गया. प्रवचन में भागलपुर आश्रम के स्वामी प्रमोद जी महाराज ने कहा कि जब ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त होती है, तभी सत्संग मिलता है. सत्संग परमात्मा -संतों की भक्ति से प्राप्त होता है. उन्होंने कहा कि सत्संग अज्ञानता के अंधकार को हटाकर जीवन सुखमय बनाती है. उन्होंने मांसाहार छोड़ने की अपील की. कहा कि पाप का फल अवश्य मिलता है. स्वामी डॉ. निर्मलानंद जी महाराज ने कहा कि सत्संग चलता फिरता तीर्थ है, जिसमें संतों और भगवान की बात बताई जाती है. तीनों लोकों की संपदा गुरु के अधीन रहती है. स्वामी परमानंद जी महाराज ने कहा कि ईश्वर कृपा कर मनुष्य का जीवन दिया है. हमेशा सद्कर्म करना चाहिए, भक्ति करनी चाहिए. पाप कर्म करने से निकृष्ट योनियों में जाना पड़ेगा. स्वामी जय कुमार जी महाराज, स्वामी नरेंद्र जी महाराज, स्वामी लक्ष्मण जी महाराज, स्वामी बालकृष्ण जी महाराज, स्वामी सत्यानंद बाबा, स्वामी राजेंद्र बाबा, लाहिरी बाबा, मुरलीधर बाबा, दिगंबर बाबा आदि ने भी सत्संग की जीवनोपयोगी बताया. उन्होंने नशा, हिंसा, झूठ, चोरी और व्यभिचार त्याग कर भक्ति करने के लिए कहा. मंच का संचालन डॉ डीएन तिवारी और राजकुमार ने किया. सत्संग में रांची, खूंटी, बंदगांव, हुटार आदि स्थानों से श्रद्धालु आये थे. इस अवसर पर वृहद भंडारा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम को सफल बनाने में जिलाध्यक्ष संजय सत्संगी, रामहरि साव, योगेश वर्मा, सूरजमल प्रसाद, जुरन मुंडा, मूचीराय मुंडा, कांडे मुंडा, अर्जुन साव, सुबोध कुमार, सगुन दास, गोला मुंडा, डॉ रमेश वर्मा, डॉ महेंद्र प्रसाद, कृष्णा प्रसाद, बीरु कुमार, सनिका मुंडा, उपेंद्र नाथ गोप, सुरेश अकेला सहित अन्य का योगदान रहा.
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