प्रकृति से जुड़ा पर्व है सरहुल

Updated at : 30 Mar 2024 9:57 PM (IST)
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सरहुल महोत्सव सह मिलन समारोह

कर्रा.

आदिवासी सरना समिति के तत्वावधान में प्रखंड के जरियागढ़ में शनिवार को सरहुल महोत्सव सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का उदघाटन मुख्य अतिथि लाल विजयनाथ शाहदेव, विशिष्ट अतिथि जिला सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार, भारत मुंडा समाज के महासचिव ब्रजेंद्र हेमरोम ने मां सरना के चित्र के समक्ष दीप जला कर किया. मुख्य अतिथि विजय नाथ शाहदेव ने कहा कि हम आदिवासी, मूलवासी आदिकाल से प्रकृति के पूजक रहे हैं. सरहुल हो, करमा हो या जीउतिया सभी त्योहार प्रकृति से जुड़े हैं. यह हमारा उनसे अटूट संबंध को दिखाता है. श्री शाहदेव ने कहा कि सरहुल पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता है. कहा कि दुनिया को बचाना है, तो हमें जल, जंगल व जमीन की रक्षा हर हाल में करनी होगी. सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार, भाजपा के विष्णु प्रसाद सोनी, राजेंद्र मुंडा (राजन), तोरपा के पुलिस इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, कर्रा की अंचल अधिकारी वंदना भारती, उप प्रमुख, सावित्री देवी, लवकुश कुमार सिंह आदि ने भी समारोह को संबोधित किया. इसके पूर्व बिरसा पाहन ने पूजा-अर्चना करके सिंगबोंगा से मानव कल्याण की प्रार्थना की. मौके पर हरेंद्र लोहरा, बिरसा पहान, किरण धान, सीता कुमारी, एतवारी होरो, नोका होरो, सुखराम होरो, बांधना होरो, राज मुंडा, राम होरो, घसिया आइंद, लेदे मुंडा, रामा साहू सहित अन्य उपस्थित थे.

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