खूंटी में जंगली हाथी ने एक आदमी को पटक-पटक कर मार डाला, इलाके में हड़कंप

पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते ग्राम प्रधान सुरेश कोन गाड़ी और जिप सदस्य बिरेन कांडुलना जेम्स टोपनो. फोटो: प्रभात खबर
Khunti News: खूंटी के रनिया क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई. दो दिन बाद जंगल में शव मिला. खूंटी में बढ़ते हाथियों के आतंक से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है. जंगली हाथियों के लगातार हो रहे हमलों से प्रशासन और वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
खूंटी से भूषण कांसी की रिपोर्ट
Khunti News: झारखंड के खूंटी जिले में जंगली हाथी के हमले से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई. घटना रनिया थाना क्षेत्र के गढ़शिदम स्थित रायमुंडा जंगल की है, जहां हाथी ने एक बुजुर्ग को पटक-पटक कर मार डाला. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.
दो दिन तक जंगल में पड़ा रहा शव
मृतक की पहचान पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना क्षेत्र के जलासार सरामोडा गांव निवासी लगभग 65 वर्षीय सामुएल पूर्ति के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि हमले के बाद उनका शव दो दिनों तक जंगल में ही पड़ा रहा. सोमवार को जब चरवाहे जंगल की ओर गए, तब उन्होंने क्षत-विक्षत शव देखा और इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी. इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया पूरी की.
बाजार जाने निकले थे, घर नहीं लौटे
परिजनों के अनुसार, सामुएल पूर्ति शनिवार 2 मई को घर से गढ़शिदम में लगने वाले बाजार जाने की बात कहकर निकले थे. लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे. परिजनों ने पहले आसपास तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. दो दिन बाद जंगल में शव मिलने की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल खूंटी भेज दिया गया है. वन विभाग के प्रभारी वनपाल अविनाश लुगुण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जंगली हाथी के हमले में ही व्यक्ति की मौत हुई है. विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता
वन विभाग की ओर से स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को तत्काल 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई. साथ ही, सरकारी प्रावधानों के तहत आगे मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है. ग्राम प्रधान सुरेश कोन गाड़ी, जिप सदस्य बिरेन कांडुलना और जेम्स टोपनो ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.
इलाके में बढ़ा हाथियों का आतंक
इस घटना के बाद रनिया प्रखंड क्षेत्र में लोगों के बीच डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों इलाके में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है. लोगों को जंगल और खेतों में जाने से डर लग रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. खासकर शाम और रात के समय लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं.
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बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती
खूंटी और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. यह बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रशासन और वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. जरूरत है कि प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए, ग्रामीणों को सतर्क किया जाए और हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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