खलारी. प्रखंड क्षेत्र को ‘खुले में शौच से मुक्त’ घोषित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. मंगलवार को ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता खलारी आकर इसके लिए बैठक करनेवाले हैं. लेकिन खलारी की एसीसी कॉलोनी का शौचालय प्रबंधन इसमें बड़ा बाधक बनेगा. इस कॉलोनी में 450 से अधिक क्वार्टर हैं. चालीस के दशक में एसीसी लिमिटेड ने खलारी में सीमेंट कारखाने की स्थापना के समय ही क्वार्टरों का निर्माण हुआ है.
80 फीसदी क्वार्टरों का यह हाल है कि शौचालय की छत के नीचे तो सबकुछ ठीक है, लेकिन छत के बाहर कुछ भी ठीक नहीं है. गंदा पानी से लेकर शौच तक अब खुली नालियों में बहता रहता है. इससे लोगों को काफी परेशानी होती है. पूरा सिस्टम शौचालय के मानक पर खरा नहीं उतरता है. इस व्यवस्था को शौचालय का दरजा दिया जाये या नहीं यह भी विचारणीय है. कॉलोनी में रहनेवाले अवकाश प्राप्त लोग हों या अभी काम करनेवाले कामगार, कोई भी अपनी पूंजी लगा कर अपने शौचालय के लिए टंकी बनवाना नहीं चाहता है. सरकार की ओर से जो शौचालय बनवाये जा रहे हैं, उनमें ऐसी व्यवस्था नहीं है कि केवल टंकी बना कर पुराने शौचालय को मानक के अनुरूप कर दिया जाये.
