घाघरा गांव में पुआल के अंदर छिपाकर रखे गये थे हथियार, लकड़ी के गट्ठर के नीचे मिला तीर-धनुष

Updated at : 30 Jun 2018 3:39 AM (IST)
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घाघरा गांव में पुआल के अंदर छिपाकर रखे गये थे हथियार, लकड़ी के गट्ठर के नीचे मिला तीर-धनुष

मुक्त कराये गये जवानों को साथ लेकर चलाया जा रहा था इलाके में सर्च ऑपरेशन गांव में सन्नाटों के बीच एक परिवार रांची : शुक्रवार को दिन के तीन बजे जोनल आइजी जहां खूंटी एसपी कार्यालय में अपहृत जवानों के रिहा होने की जानकारी दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर खूंटी के एसपी अश्विनी कुमार […]

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मुक्त कराये गये जवानों को साथ लेकर चलाया जा रहा था इलाके में सर्च ऑपरेशन
गांव में सन्नाटों के बीच एक परिवार
रांची : शुक्रवार को दिन के तीन बजे जोनल आइजी जहां खूंटी एसपी कार्यालय में अपहृत जवानों के रिहा होने की जानकारी दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर खूंटी के एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा रिहा हो चुके जवानों को लेकर घाघरा गांव में सर्च अॉपरेशन चला रहे थे. यह वही गांव है, जहां 26 जून को पुलिस और पत्थलगड़ी समर्थकों के बीच मुठभेड़ हुई थी.
पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था. इसके बाद पत्थलगड़ी समर्थक पास में ही स्थित खूंटी के सांसद कड़िया मुंडा के अावास पर धावा बोल कर तीन गार्ड और एक अन्य जवान का अपहरण कर गांव ले आये थे. जवान जब मुक्त किये गये, तो उनके पास हथियार नहीं था. हथियार की तलाश में ही एसपी ने जवानों को साथ लेकर सर्च अभियान चलाया.
घाघरा गांव के बाहर एक शिलापट्ट है, जिसमें 26.6.2018 को पत्थलगड़ी किये जाने का विवरण है. यहां एंटी लैंड माइंस और बख्तरबंद वाहन कतार से खड़ी थी. रैफ और पुलिस बल के साथ एसपी सर्च अभियान चला रहे थे. ग्रामीणों के घर में ताला लटक रहा था. कोई नहीं था. केवल एक बुजुर्ग महिला थी. जिसे पुलिसकर्मियों ने ब्रेड और केला खाने के लिए दिया. फिर मुंडारी भाषा में ही एक जवान ने पूछा कि ऐसा हथियार यहां कहां छिपाकर रखा गया है. तो महिला ने मुंडारी भाषा में ही जवाब दिया कि वह नहीं जानती. जाने क्यों सब लोग गांव में नहीं है.
लकड़ी के गट्ठर के नीचे मिला तीर-धनुष
इधर, एक घर में लकड़ियों का गट्ठर था. एक जवान उसके नीचे तलाशी लेने लगा, तो उसे तीर-धनुष मिला. इसे निकाला गया. घर में चॉक से मार्क कर दिया गया कि इस घर की तलाशी हो चुकी है. जिन घरों में ताला लटका हुआ था, पुलिस के जवान केवल उसके प्रांगण में ही तलाशी ले रहे थे. कई जगह देखने के बाद भी हथियार नहीं मिल रहा था.
फिर मुक्त किये गये जवानों ने स्कूल के पास स्थित पुआल के ढेर में तलाश करने का सुझाव दिया. इसी ढेर से दो इंसास रायफल और वर्दी बरामद हुआ. एसपी ने आसपास भी सर्च करने का निर्देश दिया. जब फिर तलाशी ली गयी, तो तीसरा हथियार और मैगजीन भी बरामद हो गये. पुलिसकर्मियों के चेहरे पर खुशियां देखते बन रही थी. एसपी अपने हाथों में हथियार लेकर तसवीर उतरवा रहे थे.
गांव में सन्नाटों के बीच एक परिवार
घाघरा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. कहीं कोई नहीं है. पर इसी सन्नाटे में एक परिवार मिला, जो हिम्मत के साथ गांव में रह रहे हैं. परिवार की एक महिला ने बताया कि ग्राम सभा में वह नहीं जाती. अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने भेजते हैं.
पत्थलगड़ी समर्थक मना करते हैं पर फिर भी उनका परिवार अपने हिसाब से रहता है. गांव में जो कुछ भी हुआ, अच्छा नहीं हुआ. आपस में मिल-बैठ कर बातें करने से समस्या सुलझ जाती, पर इसे और बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि गांव में बिजली भी है और स्कूल भी है. अस्पताल नहीं है. पर खूंटी जाकर इलाज करा लेते हैं. वह बताती है कि उनके पति तीन भाई है और पूरा परिवार गांव में ही रहता है. पालतू जानवरों को छोड़कर भला कैसे अलग रह सकते हैं. उन्होंने बताया कि डर तो लगता है, पर मजबूरी है घर में ही रहते हैं.
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