पूछताछ के दौरान 25 जवानों को ग्रामीणों ने बना लिया बंधक, पिछले साल भी बंधक बनाया था जवानों को
Updated at : 22 Feb 2018 7:17 AM (IST)
विज्ञापन

अड़की स्थित कुरूंगा गांव की घटना खूंटी : खूंटी के अड़की में कुरूंगा गांव के पास सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस और जैप के जवानों की टीम को चार घंटे तक बंधक बनायेे रखा. घटना बुधवार की है. बताया जाता है कि पुलिस की टीम कोचांग क्षेत्र में पीएलएफआइ के खिलाफ सर्च अभियान चला कर लौट […]
विज्ञापन
अड़की स्थित कुरूंगा गांव की घटना
खूंटी : खूंटी के अड़की में कुरूंगा गांव के पास सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस और जैप के जवानों की टीम को चार घंटे तक बंधक बनायेे रखा. घटना बुधवार की है. बताया जाता है कि पुलिस की टीम कोचांग क्षेत्र में पीएलएफआइ के खिलाफ सर्च अभियान चला कर लौट रही थी.
इस बीच दिन के करीब 11.30 बजे कुरूंगा गांव के ग्राम प्रधान सागर मुंडा को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया. ग्राम प्रधान सागर मुंडा पर पिछले साल पुलिस को बंधक बनाने का आरोप है. इनके खिलाफ मामला भी दर्ज है. अड़की थाने के कुछ पुलिसकर्मी ग्राम प्रधान को लेकर पूछताछ के लिए थाना ला रहे थे. जबकि करीब 25 जवान पीछे रहे गये थे. ग्राम प्रधान को हिरासत में लिये जाने की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण गोलबंद हो गये.
आक्रोशित ग्रामीणों ने कुरूंगा गांव से कुछ दूर आगे 25 पुलिसकर्मियों की टीम को घेर लिया. टीम में शामिल पुलिसकर्मियों की तुलना में ग्रामीणों की संख्या काफी ज्यादा थी.
ग्रामीणों ने चार घंटों तक पुलिसकर्मियों को बंधक बनाये रखा. वे ग्राम प्रधान को छोड़ने और डीसी-एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे.
इस बीच घटना की सूचना जिला पुलिस के अाला अधिकारियों को मिली, तो हड़कंप मच गया. कांकी की घटना की पुनरावृत्ति होने की आशंका के बाद अधिकारी दौड़े-भागे मौके पर पहुंचे.
डीसी सूरज कुमार, एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा, एसडीपीओ रणवीर सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर गये. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की. इसके बाद वरीय अधिकारी ग्राम प्रधान को छोड़ने को तैयार हुए. ग्राम प्रधान को छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस टीम को मुक्त किया. शाम करीब चार बजे पुलिस की टीम ग्रामीणों के चंगुल से बाहर निकल पायी. देर शाम डीसी-एसपी सहित अन्य पुलिसकर्मी वापस खूंटी लौटे.
पीएलएफआइ के खिलाफ सर्च ऑपरेशन से लौट रही पुलिस व जैप की टीम ने सागर मुंडा को कब्जे में लिया था
25 अगस्त को भी बंधक बनाया था जवानों को
खूंटी थाना क्षेत्र के कांकी सिलादोन गांव के लोगों ने पिछले साल 25 अगस्त को खूंटी के डीएसपी रणवीर कुमार अौर पुलिस टीम को बंधक बना लिया था. ग्रामीणों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई थी. पुलिस को फायरिंग भी करनी पड़ी थी. करीब 24 घंटे के बाद बंधक बने पुलिसकर्मियों को मुक्त कराया जा सका था.
अफीम की खेती नष्ट करने का ग्रामीणों ने किया था विरोध : डीसी
खूंटी के डीसी सूरज कुमार ने बताया कि अफीम की खेती नष्ट करने के लिए पुलिसकर्मी कुरूंगा गांव गये थे. पर ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने पुलिस को कार्रवाई करने से रोक दिया.
उनलोगों का कहना था कि गांव में विकास का कोई काम नहीं होता. ग्रामीणों ने 25 जवानों को रोक दिया. डीसी ने बताया : सूचना के बाद मैं और एसपी मौके बीरबांकी के मुखिया और ग्राम प्रधान को लेकर मौके पर पहुंचे. रास्ते में मुखिया से मुलाकात हो गयी. उन्हें भी हमलोगों ने साथ ले लिया. ग्रामीणों ने मांग रखी की दो सड़कें जर्जर हैं. जलापूर्ति नहीं होती. हमलोगों ने आश्वासन दिया कि सड़कें बनवायी जायेगी. वरीय अधिकारियों को भी सूचित कर विकास का काम कराने का आग्रह किया जायेगा. गांव में हमलोग जनता दरबार भी लगायेंगे.
जवानों को ग्रामीणों ने रोका था. उन्हें समझा-बुझा कर मामले को समाप्त कराया गया.
– अश्विनी कुमार सिन्हा, खूंटी, एसपी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




