झारखंड पंचायत चुनाव के बाद जीत हार के गणित में लगे प्रत्याशी, अब लोगों को है 31 मई का इंतजार

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झारखंड पंचायत चुनाव के बाद जीत हार के गणित में लगे प्रत्याशी, अब लोगों को है 31 मई का इंतजार

प्रखंड में पंचायत चुनाव के समाप्त होते ही जीत-हार को लेकर कयास तेज हो गये हैं. दूसरी ओर प्रत्याशी अपने चुनावी कार्यालयों को समेटने लगे हैं. विभिन्न पदों के प्रत्याशी व उनके समर्थक हार-जीत के समीकरण में उलझे है.

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प्रखंड में पंचायत चुनाव के समाप्त होते ही जीत-हार को लेकर कयास तेज हो गये हैं. दूसरी ओर प्रत्याशी अपने चुनावी कार्यालयों को समेटने लगे हैं. विभिन्न पदों के प्रत्याशी व उनके समर्थक हार-जीत के समीकरण में उलझे है. चौक-चौराहों के चाय व पान की दुकान एवं गांवों में पेड़ के नीचे ग्रामीण जीत व हार की चर्चा कर रहे हैं. अंत में लोग यही कहते हैं कि अब बस 31 मई का इंतजार कीजिये.

महुआडांड़ प्रखंड में चुनाव में एक-दो पंचायतों को छोड़कर अन्य पंचायतों में प्रचार-प्रसार में भी कोई दम नहीं दिखायी पड़ा. ताम-झाम भी कम ही नजर आया. सड़कों पर भी प्रत्याशियों का शक्ति प्रदर्शन नहीं दिखा. अधिकतर प्रत्याशी घर-घर जाकर वोटरों का समर्थक मांगा.

कुछ ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बहुत प्रत्याशी गांव में हड़िया-दारू और मुर्गा में खूब पैसा लुटाये हैं. महुआडांड़ में मुर्गा दुकानदारों ने बताया कि चुनाव के दौरान खूब मुर्गियों की बिक्री हुई है. देसी मुर्गा की मांग इतनी बढ़ गयी थी कि इस दौरान वह मिलना बंद हो गया था. वहीं कड़ी सुरक्षा में मतदान होने के कारण फर्जी वोट नहीं पड़ा. ऐसे में वोटों के ठेकेदारों के अरमान पर पानी फिर गया. कई चेहरे उदास नजर आये.

मतदाताओं की खामोशी ने प्रत्याशियों के उड़ाये होश :

प्रखंड के सभी पंचायत चुनाव के दौरान मतदाता की खामोशी ने प्रत्याशियों के होश उड़ा दिये हैं. प्रत्याशी एवं उनके समर्थक मतदाताओं को मतदान देने जाते समय अपना चुनाव चिह्न याद करवा रहे थे, वहीं मतदाता मुस्करा कर आगे बढ़ रहे थे. मतदाताओं की सभी प्रत्याशियों के लिए मुस्कुराहट और एक ही तरह व्यवहार प्रत्याशियों के चेहरे का रंग उड़ा दिया है.

मतदाताओं की जागरूकता देख प्रत्याशी मायूस नजर आये. गढ़बुढनी पंचायत से दो बार मुखिया रही रेणु तिग्गा इस बार हैट्रिक लगाने की दावेदारी कर रही है. महुआडांड़ बस स्टैंड में अपने समर्थको से वोट का गणित लगाते हुए कहा कि इस बार भी बड़ी अंतर से जीत रही है. वहीं गडबुढ़नी पंचायत के कुछ ग्रामीणों ने बताया इस बार रेणु तिग्गा को कड़ी टक्कर देकर अनिता तिर्की मुखिया पद जीत रही है.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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