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झारखंड पंचायत चुनाव: प्रत्याशियों की हर गतिविधियों की होगी निगरानी, नियमों का उल्लंघन किया तो कार्रवाई

झारखंड के पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों की हर गतिविधि पर नजर होगी. यहां तक कि चुनावी रैलियों व सभाओं की भी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी. किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पायी गयी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी

By Sameer Oraon
Updated Date
Jharkhand Panchayat Chunav 2022
Jharkhand Panchayat Chunav 2022
प्रभात खबर ग्राफिक्स

रांची: पंचायत चुनाव पर तीसरी आंख की नजर होगी. प्रत्याशियों के नामांकन से लेकर प्रचार तक की विडियो रिकार्डिंग की जायेगी. राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को वीडियो सर्विलांस टीम व फ्लाइंग स्क्वाॅयड टीम बना कर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित मामलों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है. वीडियो सर्विलांस टीम चुनावी रैलियों व सभाओं का वीडियो बनायेगी. गड़बड़ी होने पर विडियो के आधार पर कार्रवाई की जायेगी. वीडियो से रैली में किये गये व्यय व आचार संहिता उल्लंघन की भी जानकारी ली जा सकेगी.

प्रत्याशियों के भाषण की भी होगी वीडियोग्राफी :

आयोग ने चुनावी सभा के वीडियो में जगह का नाम व जिस उम्मीदवार द्वारा सभा आयोजित की गयी उसके नाम का स्पष्ट उल्लेख होने का निर्देश दिया है. कहा है कि चुनावी सभाओं या बैठकों का वीडियो इस तरह से बनाया जाना चाहिए कि उसे देखकर पंडाल, कुर्सी, पोस्टर बैनर आदि में किये गये व्यय का आकलन किया जा सके. प्रत्याशियों के भाषण की भी वीडियोग्राफी की जायेगी.

फ्लाइंग स्क्वायड पर चुनाव में रुपये, शराब आदि का वितरण कर मतदाताओं को लुभाने के कार्य रोकने का जिम्मा है. आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने पर आइपीसी व रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.

पेड न्यूज पर निगरानी रखने का दिया निर्देश :

प्रत्याशी द्वारा चुनाव प्रचार में किये गये सभी प्रकार के व्यय का आकलन किया जायेगा. प्रशासन द्वारा निर्धारित मॉडल रेट के आधार पर खर्च का आकलन होगा. प्रत्याशियों को टेलीविजन, सोशल मीडिया, सिनेमा हॉल, फिक्सड एलइडी आदि में प्रचार सामग्री चलाने के लिए जिला स्तरीय एमसीएमसी से वीडियो का प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है.

प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया में प्रचार का खर्च भी जोड़ा जायेगा. निर्वाचन आयोग ने जिला चुनाव पदाधिकारियों को पेड न्यूज पर निगरानी रखने का निर्देश दिया है. मीडिया सेल बना कर चुनावी सभा, रैली आदि से संबंधित प्रेस कतरन भी व्यय कोषांग को उपलब्ध कराना होगा.

Posted By: Sameer Oraon

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