जामताड़ा. साइबर थाने की पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र से तीन साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस संबंध में डीएसपी चंद्र शेखर ने प्रेस कांफ्रेंस की. उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार महतो के नेतृत्व में एएसआइ स्टेनली हेंब्रम व अन्य पुलिस कर्मियों को शामिल करते हुए करमाटांड़ थाना क्षेत्र के जसाईडीह जंगल के पास छापेमारी की गयी. इस क्रम में बरमुंडी गांव के अबुल हसन व गुलाम अंसारी, मंझलाडीह गांव के गोविंद मंडल को गिरफ्तार किया गया. इन सभी के पास से 09 मोबाइल, 12 सिम, 03 आधार कार्ड व एक पैन कार्ड जब्त किया गया है. इन सभी के विरुद्ध जामताड़ा साइबर थाना कांड संख्या 21-2025 दर्ज कर मंडलकारा जामताड़ा भेज दिया गया है. डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त एसबीआइ केड्रिट, डेबिट कार्ड बंद होने की बात बताकर लोगों को झांसा में लेकर उनके मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप जैसे क्वीक सपोर्ट, टीम विउर डाउनलोड करवाकर क्रेडिड, डेबिट कार्ड के सभी तरह का गोपनीय नंबर प्राप्त कर तथा एपीके ऐप का उपयोग कर साइबर ठगी करता है. बताया कि गिरफ्तार साइबर अभियुक्तों का नेटवर्क झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक तक फैला हुआ था, जहां ये ऑनलाइन ठगी कर लोगों को अपना शिकार बना रहे थे. डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी लंबे समय से साइबर ठगी में लिप्त थे और देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे. पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इन्हें जेल भेज दिया गया है. कहा साइबर अपराधियों पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. जामताड़ा को साइबर अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए फोन कॉल पर बैंक संबंधी जानकारी न दें. अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी बताकर एनीडेस्क, स्क्रीन शेयरिंग ऐप या किसी अन्य लिंक को डाउनलोड करने के लिए कहे, तो सतर्क हो जायें. अपना ओटीपी, डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी या कोई अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें. अगर साइबर ठगी का शिकार हो जाएं, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें. मौके पर साइबर थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो सहित अन्य थे.
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