जीवन जीने की कला है श्रीमद्भागवत कथा : उमेश शास्त्री

Published by : UMESH KUMAR Updated At : 28 May 2026 8:01 PM

विज्ञापन

जामताड़ा. शहर के न्यू टाउन स्थित मैरेज हॉल में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा जारी है.

विज्ञापन

शहर के न्यू टाउन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा आयोजित संवाददाता, जामताड़ा. शहर के न्यू टाउन स्थित मैरेज हॉल में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा जारी है. इसके तीसरे दिन गुरुवार को कथावाचक पंडित उमेश शास्त्री ने कपिल-देवहुति संवाद से लेकर प्रह्लाद एवं नृसिंह अवतार का भावपूर्ण वर्णन किया. कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ग्रंथ है. उन्होंने कपिल-देवहुति संवाद के माध्यम से आत्मज्ञान और संस्कारों का महत्व बताया. कहा कि माता-पिता यदि बच्चों को अच्छे संस्कार दें, तो वही समाज और संसार का कल्याण कर सकते हैं. शिव-सती चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने नारी सम्मान को धर्म का आधार बताया. कहा कि जहां स्त्री का अपमान होता है, वहां सुख और शांति टिक नहीं सकती. ध्रुव चरित्र के प्रसंग में उन्होंने दृढ़ संकल्प और भक्ति की शक्ति का वर्णन करते हुए कहा कि सच्चे मन से किया गया प्रयास भगवान को भी भक्त के सामने आने पर विवश कर देता है. अजामिल चरित्र के माध्यम से हरिनाम की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि अंतिम समय में भी यदि प्रभु का स्मरण हो जाए, तो जीवन सफल हो जाता है. कथा के अंत में प्रह्लाद चरित्र एवं नृसिंह अवतार का प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि भगवान अपने भक्त की रक्षा के लिए किसी भी रूप में प्रकट हो सकते हैं. कहा कि इन सभी कथाओं का सार यही है कि जीवन में ज्ञान, प्रेम, निष्ठा, विश्वास और वैराग्य का होना आवश्यक है. मौके पर प्रभु मंडल सहित अन्य थे.

विज्ञापन
UMESH KUMAR

लेखक के बारे में

By UMESH KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola