प्रतिनिधि, जामताड़ा. सीपीआइएम के राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक शनिवार को संपन्न हुई. बैठक का समापन वेनेजुएला पर अमरीकी हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के साथ हुआ. बैठक में जनता के मुद्दे केंद्र की एनडीए सरकार द्वारा मनरेगा कानून को खत्म करने, श्रमिक विरोधी चार कोड लागू करने, 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने, बीज विधेयक में संशोधन, बिजली अधिनियम संशोधन कानून की घोषणा के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया. इसका उद्घोष 12 फरवरी को मजदूरों की देशव्यापी हड़ताल संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों से होगा. इसकी घोषणा सीपीआइएम के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने की. बैठक में विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली की दरों में वृद्धि के प्रस्ताव का विरोध किया गया. 60 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव का विरोध करते हुए राज्य सरकार से मांग की गयी कि वह तत्काल हस्तक्षेप कर वापस लिए जाने की पहल करे. बैठक में इस मांग पर भी पुनः जोर दिया गया कि स्थानीय नगर निकाय यथा निगम नगर, परिषद और नगर पंचायत का चुनाव राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिह्न पर कराने का निर्णय लिया जाए. यह कैबिनेट में निर्णय लिए जाएं. मनरेगा को समाप्त किए जाने के खिलाफ पदयात्रा कर पांच लाख गरीब परिवारों से संपर्क कर भाजपा की किसान और गरीब विरोधी साजिश उजागर किया जायेगा. राज्य कमेटी की बैठक में संताल परगना छोटानागपुर और पालमू प्रमंडल के 24 जिला कमेटी के सदस्य में से 21 जिला के सदस्य भाग लिए. बैठक में 19 जनवरी को किसान मजदूर की संयुक्त कार्रवाई का समर्थन करने का भी निर्णय लिया गया. इस विरोध प्रदर्शन में राज्य कमेटी के समीर दास, अमल पांडे, सुखनाथ लोहरा, सुफल महतो, भागीरथ शर्मा, रामकृष्ण पासवान, संजय पासवान, रामबालक पासवान, मुकीमा बीबी, शिवानी पाल, माया लायक, अशोक शाह, सुजीत माजी, अशोक भंडारी, विजय राणा, चंडीदास पुरी, सचिन राणा, सुरजीत सिन्हा, मैना सिंह, मोहन मंडल, दुबराज भंडारी ने भाग लिया.
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