– करमाटांड़ के दुर्गापुर तालीडीह में सगुन सोहराय मिलन का आयोजन फोटो – 03 मांदर बजाते हरिमोहन मिश्रा व अन्य, 04 नृत्य करतीं महिलाएं प्रतिनिधि, विद्यासागर. आदिवासी समुदाय का प्रमुख पर्व सोहराय को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल है. सोहराय पर्व को लेकर न केवल आदिवासी समुदाय, बल्कि अन्य समाज भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभा रहा है. जिले में विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों की ओर से अलग-अलग स्थानों पर सगुन सोहराय मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को करमाटांड़ प्रखंड के दुर्गापुर तालीडीह आदिवासी बहुल गांव में भाजपा के वरिष्ठ नेता हरिमोहन मिश्रा ने सगुन सोहराय मिलन समारोह आयोजित की. पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सोहराय पर्व मनाया, जहां आदिवासी संस्कृति की झलक साफ देखने को मिली. कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत और मांदर की थाप पर आदिवासी युवक-युवतियों के साथ हरिमोहन मिश्रा भी झूमते नजर आए. इस अवसर पर हरिमोहन मिश्रा ने कहा कि सोहराय आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. यह पर्व प्रकृति, पशुधन और कृषि से जुड़ा हुआ है, जो समाज में आपसी भाईचारे और सामूहिकता का संदेश देता है. कहा कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है. वहीं आदिवासी समुदाय के मांझी हड़ाम अनिल मरांडी ने सोहराय पर्व की विधि-विधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सोहराय पर्व फसल कटाई के बाद मनाया जाता है और इसमें पशुओं की पूजा, पारंपरिक नृत्य-संगीत तथा सामूहिक भोज का विशेष महत्व होता है. मौके पर नायकी हांडाम सोनालाल मरांडि, महादेव मरांडी, लोबेश्वर हेंब्रम, भोंदो रविन मरांडी, जोक मांझी नकुल मरांडी, श्यामलाल हेंब्रम, मंटू मरांडी, गोविंद हेंब्रम, सुनील हेंब्रम, देवीलाल हेंब्रम, जोहन हेंब्रम, पूर्व मुखिया लश्कर टुडू, वासुदेव टुडू, रमेश हेंब्रम, विशेश्वर मरांडी आदि मौजूद थे.
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