प्रतिनिधि, मिहिजाम. प. बंगाल के सलानपुर सहित बाराबनी प्रखंड में तेजी से फैल रहे सिलिकोसिस बीमारी से मजदूरों में भय का माहौल बना है. गुरुवार को जिला सिलिकोसिस मेडिकल बोर्ड की बैठक में बाराबनी से एक व सलानपुर के दो मजदूरों के शरीर में सिलिकोसिस की पुष्टि होने से इलाके में हड़कंप मच गया है. इससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गयी है. बताया जा रहा है कि सलानपुर प्रखंड के कसकुली स्थित क्रशर में काम करने वाले सियालकुलबेरिया निवासी हराधन बाउरी और श्रवण बाउरी को सिलिकोसिस बीमारी हो गयी है. इधर, बाराबनी प्रखंड के अठौरा गांव के कर्मी सरजीत मंडल को मेडिकल बोर्ड ने इस बीमारी से पीड़ित होने की पुष्टि की है. सलानपुर प्रखंड के विभिन्न इलाके में चले रहे पत्थर तोड़ने वाले क्रशर से निकलने वाली धूलकण से हवा भी प्रदूषित हो चुकी है. श्रमिकों के लिए न्यूनतम सुरक्षा उपायों के अभाव में बीमारी तेजी से फैल रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित करने के बावजूद भी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की गयी है. इन स्थानों पर झारखंड इलाका से भी मजदूर काम के लिए आते हैं. मालूम हो कि यह बीमारी उन लोगों को होती है जो पत्थर, रेत या मिट्टी जैसे सिलिका युक्त पदार्थों के साथ काम करते हैं. जिससे महीन धूल हवा में उड़ती है और सांस के जरिए फेफड़ों में चली जाती है. बीमारी बढ़ने पर खांसी तथा सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें संक्रमित व्यक्ति करते हैं. इससे पीड़ित व्यक्ति में थकान, कमजोरी, बुखार रात में पसीना आना तथा पैरों में सुजन जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं.
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