प्लस टू उच्च विद्यालय नारायणपुर में रूआर कार्यक्रम शुरू

Updated at : 19 Jul 2024 7:50 PM (IST)
विज्ञापन
प्लस टू उच्च विद्यालय नारायणपुर में रूआर कार्यक्रम शुरू

प्लस टू उच्च विद्यालय नारायणपुर में शुक्रवार को रूआर 2024 कार्यक्रम का शुभारंभ बीइइओ सुखदेव प्रसाद यादव, बीपीओ अनामिका हांसदा ने संयुक्त रूप से किया.

विज्ञापन

फोटो – 05 दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते बीईईओ व अन्य प्रतिनिधि, नारायणपुर प्लस टू उच्च विद्यालय नारायणपुर में शुक्रवार को रूआर 2024 कार्यक्रम का शुभारंभ बीइइओ सुखदेव प्रसाद यादव, बीपीओ अनामिका हांसदा ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के लिए पत्राचार किया गया था, लेकिन शिक्षा विभाग के जल्दबाजी के कारण जनप्रतिनिधि शामिल नहीं हो पाये. मुखिया संघ के अध्यक्ष सह रूपडीह पंचायत के मुखिया कृष्णा सोरेन ने कहा कि इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए हम सभी को आमंत्रित किया गया था. हम अपने अन्य मुखिया साथी बबलू किस्कू, वीरेंद्र प्रताप हेंब्रम, दिलीप बास्की के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे ही थे कि ठीक उससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया गया. शिक्षा विभाग को इतनी जल्दबाजी में था कि जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर कार्यक्रम शुरू कर दिया, जब बिना जनप्रतिनिधि के ही कार्यक्रम का शुभारंभ होना था तो फिर हमें आमंत्रित क्यों किया गया था. इस विषय से जिला प्रशासन को अवगत कराऊंगा. बीइइओ ने कहा कि शिक्षा के बिना दुनिया में कुछ भी नहीं हो सकता है. स्कूल रूआर के तहत 5-18 वर्ष तक जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं, उन्हें पुनः विद्यालय लायें. बच्चे प्रतिदिन विद्यालय आएं. इसके लिए पहल करने की जरूरत है. कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी विशेष तौर पर ध्यान दिया जाना चाहिए. हम सभी को मिलकर ड्राॅप आउट कम करने प्रयास करने होंगे, ताकि एक भी बच्चे विद्यालय से बाहर नहीं रहे. विद्यालय में नामांकन हो. सबकी उपस्थिति विद्यालय में रहे इसके लिए जरूरी है कि 31 जुलाई तक विद्यालय स्तरीय विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पर्याप्त कदम उठायें. कहा कि सोशल मीडिया के जमाने में बच्चे मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर से ज्यादा जुड़े हैं, हमें उन्हें समाज से पुनः जोड़ने की आवश्यकता है. अभिभावकों को भी इसे समझना होगा कि मोबाइल और इंटरनेट के कारण बच्चों का न सिर्फ बचपन खराब हो रहा है, बल्कि इंटरनेट पर दिन-ब-दिन बढ़ती निर्भरता के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं भी देखने को मिलती है. हालांकि इंटरनेट से बच्चों को लाभ अवश्य हुआ है. इंटरनेट ज्ञान का अथाह भंडार है, लेकिन लाभ के साथ ही कुछ नुकसान भी है. उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से अपील की कि घर का ऐसा माहौल बनाएं कि ज्यादा देर इंटरनेट का इस्तेमाल बच्चे न करें. ऑनलाइन गेम खेलने से दूरी बना लें. शिक्षक भी अपनी जिम्मेवारी को समझें. मौके पर सीआरपी राघवेंद्र नारायण सिंह, बीआरसी कर्मी नासितुर रब, दिनेश कुमार, शिक्षक निरंजन प्रताप सिंह, सुदर्शन पंडित, मुख्तार अंसारी, चरकु राय आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola