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बंजर जमीन पर आम बागवानी कर सहायक अध्यापक ने लायी हरियाली

Updated at : 10 Jun 2025 8:07 PM (IST)
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बंजर जमीन पर आम बागवानी कर सहायक अध्यापक ने लायी  हरियाली

एक किसान परिवार से होने के कारण शुरू से ही खेती कार्य पर रुचि थी. पढ़-लिखकर नौकरी की आस में था. उसी समय वैकल्पिक आय के लिए आम बागवानी की ओर कदम बढ़ाया.

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तपन महतो, नाला. जो जमीन पहले कभी बंजर पड़ी थी, गाय बैल बकरी का चारागाह थी. उस बंजर जमीन पर आम बागवानी कर हरियाली लाकर सहायक अध्यापक प्रशांत कुमार यादव ने एक मिसाल कायम की है. कड़ी मेहनत एवं दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत उस जमीन पर उन्होंने 100 से अधिक आम के पेड़ लगाये और आज इस बगीचे से स्थायी आमदनी हो रही है, जो युवाओं के लिए अनुकरणीय है. इस संबंध में श्री यादव ने पूछने पर बताया कि मैं एक किसान परिवार से होने के कारण शुरू से ही खेती कार्य पर रुचि थी. पढ़-लिखकर नौकरी की आस में था. उसी समय वैकल्पिक आय के लिए आम बागवानी की ओर कदम बढ़ाया. यह जमीन ऊबड़-खाबड़ एवं उपजाऊ नहीं होने के कारण उस बंजर जमीन को खेती लायक बनाकर फलदार पौधे लगाये. शुरू-शुरू में तो काफी कठिनाई महसूस हुई लेकिन निराश नहीं हुए एवं इस जमीन पर दसहरी, दुधिया, मालदा, गुलाबखस, जर्दालु, मल्लिका, हिमसागर, फजली, लैंगड़ा, मुंबई, आदि अच्छी प्रजाति के आम पौधे को लगाया. साल बीतने के बाद लहलहाते पौधों को देखकर उत्साह बढ़ता गया. अन्ततः आज वह बगीचा में परिणत हो गया. इस साल काफी अच्छी पैदावार हुई है. इससे लाख रुपए की आमदनी होने की संभावना है. इसके अलावा श्री यादव ने कहा कि आम पौधा के बीच वाली जमीन पर सरसों की खेती की है. वर्तमान समय में श्री यादव उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिमलडुबी में कार्यरत हैं. विद्यालय अवधि के बाद इधर-उधर समय नहीं गंवाकर खेती कार्य में बिता रहे हैं. उन्होंने युवा वर्ग को प्रेरित करते हुए कहा कि किसान परिवार के युवाओं को जो अभी घर से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं या पढ़ाई समाप्त कर नौकरी की तलाश में हैं, वैसे युवा अपनी बंजर जमीन पर आम बागवानी कर परिवार की आय वृद्धि कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि कई युवाओं को अनावश्यक इधर-उधर घूमते-फिरते समय नष्ट करते देखा जा रहा है. वैसे युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार बंजर जमीन पर बागवानी, कुआं आदि शत-प्रतिशत अनुदान पर दे रही है. इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए. तीन साल तक सही देखभाल कर देने के बाद चौथे साल से ही फल देना शुरू करेगा, जिससे परिवार को स्थायी आय का स्रोत प्राप्त होगा. कहा कि एक बार बगीचा बन जाने के बाद जीवन भर इससे आमदनी होती रहेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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UMESH KUMAR

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