गुरुनानक देवजी की 556वीं जयंती प्रकाश पर्व के रूप में मनी प्रतिनिधि, मिहिजाम. गुरुनानक देवजी की 556वीं जयंती प्रकाश पर्व के रूप में मनाई गयी. इस मौके पर स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में अखंड पाठ, कीर्तन व लंगर का आयोजन किया गया. काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा में मत्था टेका. वाहे गुरु की जय, वाहे गुरु की फहत के जयकारे से गुरुद्वारा परिसर गुंज उठा. मौके आरपीएफआइजी चित्तरंजन सत्य प्रकाश व जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता ने अपना मत्था टेका और अरदास में भाग लिया. श्रद्धालुओं ने गुरु के संदेशों को आत्मसात करते हुए सेवा और करुणा को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया. जमशेदपुर से आये रविन्द्र कौर रागी जत्था के शब्द कीर्तन से श्रद्धालु निहाल हुए. इसी के साथ तीन दिनों से जारी अखंड कीर्तन पाठ की समाप्ति हुई. इससे पूर्व तीन दिनों तक श्रद्धालुओं ने नगर में प्रभातफेरी निकाली. गुरुद्वारा प्रबंध समिति की ओर से अतिथियों व कार्यक्रम को सफल करने में सहयोग करने वालों को सिरोपा प्रदान कर सम्मानित किया गया. श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर लंगर का आनंद उठाया. नौ नवंबर को रूपनारायणपुर से विशाल नगर कीर्तन आरंभ होगा. नगर कीर्तन चित्तरंजन होकर मिहिजाम नगर भ्रमण के बाद गुरुद्वारा साहिब पहुंच संपन्न होगा. मौके पर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जगजीत सिंह, सचिव गुरमित सिंह, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, रोहित सिंह, अमरजीत सिंह, अमरीक सिंह, जम्मु भाई, इंद्रजीत सिंह, रंजीत सिंह, हरपाल सिंह, थाना प्रभारी विवेकानंद दुबे, नप के पूर्व अध्यक्ष कमल गुप्ता, बाल मुकुंद रविदास, उपाध्यक्ष शांति देवी, सुरेश राय, अरुण दास शामिल हुए.
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