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कांग्रेस आज भी आपातकालीन मानसिकता के साथ चल रही है : राज सिन्हा

Updated at : 25 Jun 2025 7:43 PM (IST)
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कांग्रेस आज भी आपातकालीन मानसिकता के साथ चल रही है : राज सिन्हा

मिहिजाम. देश में आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा की ओर से मिहिजाम में प्रदर्शनी सह सेमिनार का आयोजन किया गया.

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भाजपा ने देश में आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर सेमिनार का किया आयोजन प्रतिनिधि, मिहिजाम. देश में आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा की ओर से मिहिजाम में सेमिनार का आयोजन किया गया. अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने की. इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में धनबाद विधायक राज सिन्हा उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ‘आंतरिक अशांति”” का बहाना बनाकर भारत पर आपातकाल थोप कर देश के संविधान की हत्या कर दी थी. आपातकाल लागू होने के 50 साल पूरे हो गए हैं. 50 साल बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है, उसकी नीयत आज भी वैसी ही तानाशाही वाली है. आपातकाल के समय देश में ऐसा तूफान उठा, जिससे हर एक भारतीय को जूझना पड़ा था. आपातकाल का वो काला अध्याय आज भी लोगों के जहन में बुरे सपने की तरह जिंदा है. इतिहास भी उस काले अध्याय को अपने पन्ने से कभी मिटा नहीं सकेगा. कहा भारतीय इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाते हैं. इस दिन भारतीय संविधान में निहित मूल्यों को दरकिनार कर मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था. आपातकाल का सबसे दमनकारी फैसला नसबंदी था. इस दौरान 60 लाख से अधिक लोगों की जबरदस्ती नसबंदी कर दी गई. गलत ऑपरेशन और इलाज में लापरवाही की वजह से कई हजार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन था, इस दिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आधी रात को देशभर में आपातकाल की घोषणा कर दी. उस रात बिना किसी जनादेश, बिना किसी चेतावनी के देश की जनता से उसकी आवाज छीन ली गई. धारा 352 का सहारा लेकर केवल अपनी सत्ता बचाने के खातिर कांग्रेस सरकार के द्वारा संविधान को कैद कर लिया गया था. 26 जून की सुबह जब देश की नींद खुली तब अखबारों पर सरकार की सेंसरशिप का ताला था, विरोध करना अपराध बन गया, नेताओं को जेल में डाल दिया गया. जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी जैसे हजारों विपक्षी नेताओं को बिना किसी मुकदमा, बिना किसी सुनवाई सीधे जेल भेज दिया गया. वहीं पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल, माधव चंद्र महतो ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री दिलीप हेंब्रम ने किया. मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष राधारानी सोरेन, भाजपा नेता सुनील हांसदा, मिहिजाम नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष कमल गुप्ता, किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री कमलेश मंडल, जिला उपाध्यक्ष सुकुमार सरखेल, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश राय, भाजपा नेता सुनील कुमार हांसदा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सोरेन, बालमुकुंद दास, ऋषव तिवारी आदि थे. धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष सह कार्यक्रम प्रभारी अभय सिंह ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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UMESH KUMAR

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