विद्यासागर. जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि महेंद्र मंडल ने करमाटांड़ प्रखंड के सहजपुर जेरोपहाड़ी नदी में बन रहे चेकडैम का निरीक्षण किया, जहां संवेदक की ओर से निर्माण में घोर अनियमितता की देखी. योजना स्थल पर योजना का बोर्ड नहीं लगा है और ना ही इस योजना का शिलान्यास किया गया है. बगैर इंजीनियर के ही कार्य को प्रारंभ कर दिया गया है. संवेदक द्वारा बिना आदेश के डायनामाइट प्रयोग कर पत्थर को ब्लास्ट किया गया है. ग्रामीणों की शिकायत पर जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि महेंद्र मंडल ने योजना का निरीक्षण किया. महेंद्र मंडल ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग की यह लगभग 48 लाख की योजना है. संवेदक अपनी मनमानीसे योजना का कार्य करवा रहे हैं. कार्यस्थल पर घटिया किस्म के सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है. इस योजना में लगभग 90 प्रतिशत लोकल बोल्डर का उपयोग किया है. संवेदक द्वारा प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर जोरिया के बड़े चट्टान का ट्रैक्टर से ड्रिल कर डायनामाइट प्रयोग कर ब्लास्टिंग कर पत्थर का अवैध रूप से उत्खनन किया है. लघु सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता राजेश सोरेन से फोन पर वार्ता की गयी तो उन्होंने बताया कि वह कार्य स्थल पर नहीं पहुंचे हैं और ना ही योजना का शिलान्यास किया गया है. इस मामले को लेकर महेंद्र मंडल ने कनीय अभियंता को जोरिया के पत्थर को ब्लास्ट बोल्डर का उपयोग करने की बात कही तो उन्होंने कहा कि यह गलत है. यदि संवेदक द्वारा ऐसा किया है तो इसकी जांच की जायेगी. जिला परिषद उपाध्यक्ष फूल कुमारी देवी ने ग्रामीणों की शिकायत एवं घटिया निर्माण कार्य को गंभीरता पूर्वक लेते हुए तुरंत कार्रवाई के लिए उपायुक्त के साथ-साथ खनन विभाग को लिखित आवेदन दिया है. उपाध्यक्ष ने टीम गठित कर जल्द से जल्द जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है. अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिली है. संवेदक प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं बिना आदेश का डायनामाइट उपयोग कर पत्थर को ब्लास्ट किया गया है. अनुमंडल पदाधिकारी ने करमाटांड़ अंचल अधिकारी चोनाराम हेंब्रम एवं अंचल निरीक्षक हितेश दास को जांच करने का आदेश दिया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

