प्रतिनिधि, फतेहपुर. नववर्ष का आगमन जहां अधिकांश लोगों के लिए जश्न, पर्यटन और मनोरंजन का अवसर बन जाता है, वहीं फतेहपुर प्रखंड में एक स्वास्थ्य कर्मी ने इसे मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है. फतेहपुर पीएचसी में पदस्थापित एएनएम खुशबू चौधरी ने नववर्ष के अवसर पर जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर यह संदेश दिया कि सच्ची खुशी दूसरों के जीवन में मुस्कान लाने से मिलती है. खुशबू चौधरी नववर्ष के दिन फतेहपुर प्रखंड के बूटबारी खैरबनी गांव पहुंची, जहां उन्होंने अत्यंत निर्धन दंपती सरबन हेंब्रम और पार्वती मरांडी के परिवार के साथ नववर्ष मनाया. यह परिवार आर्थिक तंगी और ठंड की मार से जूझ रहा था. दंपती के आठ छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके लिए कड़ाके की ठंड किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी. एएनएम खुशबू चौधरी ने परिवार को ठंड से राहत दिलाने के उद्देश्य से गर्म कपड़े, कंबल, ओढ़ने-बिछाने के सामान भेंट की. बच्चों की खुशियों का भी उन्होंने विशेष ध्यान रखा. नववर्ष को यादगार बनाने के लिए बच्चों को खिलौने दिए गए, जिन्हें पाकर उनके चेहरों पर जो मुस्कान आई. कुछ देर के लिए ही सही, लेकिन उस परिवार के लिए नववर्ष सचमुच खुशियों का संदेश लेकर आया. खुशबू चौधरी ने कहा कि उनका यह प्रयास किसी भी तरह की प्रसिद्धि या प्रचार के लिए नहीं है. उन्होंने बताया कि एक स्वास्थ्यकर्मी होने के नाते समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहना उनका कर्तव्य है. यदि अपनी सीमित सामर्थ्य से किसी परिवार को ठंड से बचाया जा सकता है और उनके जीवन में थोड़ी राहत लाई जा सकती है, तो इससे बड़ा नववर्ष का जश्न और कुछ नहीं हो सकता.
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