आठ करोड़ रुपये के भवन फांक रहे धूल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Dec 2016 5:39 AM (IST)
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पांच साल बीतने के बाद भी लोगों को नहीं मिला लाभ 29 अप्रैल 2011 को कॉलेज का किया गया था शिलान्यास निर्माण कार्य भी अब तक नहीं हो सका है पूरा हंसडीहा : हंसडीहा में लगभग बनकर तैयार हो चुके डेयरी इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकार अब तक पूरा नहीं करा सकी है. पांच वर्ष पहले […]
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पांच साल बीतने के बाद भी लोगों को नहीं मिला लाभ
29 अप्रैल 2011 को कॉलेज का किया गया था शिलान्यास
निर्माण कार्य भी अब तक नहीं हो सका है पूरा
हंसडीहा : हंसडीहा में लगभग बनकर तैयार हो चुके डेयरी इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकार अब तक पूरा नहीं करा सकी है. पांच वर्ष पहले बडे ही जोर-शोर से भाजपा-झामुमो के गंठबंधन वाली सरकार ने इसका शिलान्यास किया था. तत्कालीन कृषि एवं गन्ना विकास, पशुपालन व मत्स्य मंत्री सत्यानन्द झा बाटुल ने 29 अप्रैल 2011 को इसका शिलान्यास किया था. साढ़े पांच साल बीत जाने के बाद भी अभी तक भवन निर्माण कार्य ही पूर्ण ही नहीं हुआ है. जो भवन बने थे, उनमें से कई में खिड़की तक नहीं बने हैं और न ही फर्श. स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इस तरह के संस्थान खुलने से क्षेत्र का विकास होगा़ डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. डेयरी के क्षेत्र में क्रांति लाने में इस क्षेत्र के युवा अपनी महती भूमिका निभा सकेंगे और रोजगारोन्मुख हो सकेंगे.
सरकार ने इसी सत्र में चालू करने का दिया था आश्वासन
डेयरी इंजीनियिंग कॉलेज ही नहीं कृषि महाविद्यालय सहित कई आइटीआइ और पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन बनकर तैयार हैं. लेकिन सरकार मानव संसाधन की ही व्यवस्था नहीं कर पा रही है. बिना तैयारी के केवल भवन बनवाये जा रहे हैं. हमने विधानसभा में सवाल भी उठाया था. सरकार ने इसी सत्र से चालू करने की बात कही थी. पर स्थिति देख लगता नहीं कि सरकार ने उसकी भी तैयारी की है.
– प्रदीप यादव, विधायक, पोड़ैयाहाट
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