जामताड़ा में एसपीटी-सीएनटी एक्ट पर बाेले

Published at :06 Dec 2016 5:47 AM (IST)
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जामताड़ा में एसपीटी-सीएनटी एक्ट पर बाेले

जामताड़ा : सीएम के प्रमंडलीय बजट पूर्व संगोष्ठी के बाद अब पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी सोमवार से संताल परगना में अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की. पहले दिन पांच दिसंबर सोमवार को जामताड़ा में प्रेस कांफ्रेंस कर एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि झारखंड में जिस दिन विपक्ष […]

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जामताड़ा : सीएम के प्रमंडलीय बजट पूर्व संगोष्ठी के बाद अब पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी सोमवार से संताल परगना में अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की. पहले दिन पांच दिसंबर सोमवार को जामताड़ा में प्रेस कांफ्रेंस कर एसपीटी-सीएनटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि झारखंड में जिस दिन विपक्ष की सरकार बनती है, तो सबसे पहले राज्य में एसपीटी एवं सीएनटी एक्ट में किये गये संशोधन को रद्द कर दिया जायेगा.

उद्योगपति अपनी जवाबदेही पर पूंजी लगायें : बाबूलाल ने कहा : जो लोग राज्य में पूंजी लगायेगें वो सारी जबावदेही उनकी होगी. उस समय लाख गिड़गिड़ाने पर भी नहीं सुनी जायेगी. श्री मरांडी दुमका जाने के क्रम में जामताड़ा जिलाध्यक्ष प्रो सुनील हांसदा के घर पर थोड़ी देर के लिए रुके थे. कहा : एसपीटी एवं सीएनटी एक्ट में पहले से ही जमीन अधिग्रहण का प्रावधान है. नहीं रहती तो कैसे राज्य में बड़े-बड़े कल- कारखाने, अस्पताल, कॉलेज, खदान, डैम बने.
विपक्ष की सरकार बनी तो…
मैथन में डैम, पंचैत डैम, कल-कारखाने बोकारो, जसीडीह इंडस्ट्रील एरिया, सिंदरी खदान में बीसीसीएल, इसीएल, सीसीएल तथा रिम्स, हाइवे का निर्माण, रेल लाईन आिद का निर्माण कैसे हुआ. जमीन दाताओं ने कोई विरोध नहीं किया.
आज तक विस्थापितों को नहीं मिला उचित मुआवजा : श्री मरांडी ने कहा : पहले ली गयी जमीन में आज तक सरकार उन्हें पुनर्विस्थापित नहीं की है. लाखों एकड़ जमीन पहले ही अधिग्रहण कर आजतक उन्हें न तो मुआवजा मिला और न ही पुनर्विस्थापित किया गया. इस एक्ट में संशोधन इसलिए किया गया ताकि कारपोरेट घरानों को जबरन जमीन दिला सकें.
कहा कि विधानसभा या लोकसभा में कोई भी एक्ट में संशोधन की निश्चित प्रक्रिया होती है, जो प्रक्रिया को पूरा किये बिना ही जबरन संशोधन करा लिया गया. रघुवर सरकार ने लोकतंत्र की धज्जियां उड़ायी है. कहा : आज भाजपा के कोई भी विधायक और न ही मंत्री किसी गांव में डर से नहीं जा पा रहे हैं. सभी गांव में विरोध जारी है.
तीर-धनुष आदिवासी परंपरा की पहचान
दुमका एवं जामताड़ा के छात्रावास में छापामारी कर तीर धनुष बरामद किये जाने की बात पर कहा कि तीर एवं धनुष आदिवासी परंपरा की पहचान होती है. जब घर पर लड़की पैदा होती है तो बिछावन पर हंसुवा रखा जता है तथा लड़का पैदा होने पर तीर रखा जाता है. इसलिए छात्र अपनी पहचान के लिए तीर रखा था. कहा कि ये सरकार तानाशह के रुप में काम कर रही है. जमीन की मुआवजा मांगने पर गोली चलवाती है. मौके पर जिलाध्यक्ष प्रो सुनील हांसदा, केंद्रीय समिति सदस्य माधव चंद्र महतो, जिला महासचिव अजय मंडल, प्रदीप लाल, डॉ अब्दुल मन्नान अंसारी, लालू अंसारी, पवन कमार, मौलाना रकीब अंसारी सहित अन्य मौजूद थे. इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने श्री मरांडी को महिला कॉलेज के पास माला पहना कर स्वागत किया. बाबूलाल मरांडी छह को गोड्डा जिले में व सात को देवघर में पार्टी कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे.
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