एमडीएम की गुणवत्ता पर संकट
Updated at : 03 Sep 2017 4:59 AM (IST)
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जामताड़ा : सरकार द्वारा स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए सब्सिडी पर रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा है. बावजूद जिले के 1164 सरकारी विद्यालयों में एमडीएम कोयला व लकड़ी से बनाया जा रहा है. इससे एमडीएम की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा है. साथ ही पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है. […]
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जामताड़ा : सरकार द्वारा स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए सब्सिडी पर रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा है. बावजूद जिले के 1164 सरकारी विद्यालयों में एमडीएम कोयला व लकड़ी से बनाया जा रहा है. इससे एमडीएम की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा है. साथ ही पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
गौरतलब है कि स्कूलों के रसोई घर को धुआंरहित करने के लिए गैस कनेक्शन दिया जा रहा है. विभाग के निर्देश के बाद भी जिले के एक भी स्कूलाें में गैस कनेक्शन नहीं लिया गया है. इससे एमडीएम बनाने में देर होता ही है और गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है. भोजन बनाने में काेयला व लकड़ी का उपयोग किया जा रहा है. इससे हानिकारक धुआं निकलता है. जलावन की लकड़ी का उपयोग के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं. इस कारण पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है. बरसात में मध्याह्न भोजन बनाने में परेशानी होती है
. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लकड़ी का उपयोग कम हो इसके लिए सरकार ने मध्याह्न भोजन बनाने के लिए गैस चूल्हा के इस्तेमाल पर बल दिया जा रहा है. कई माह पूर्व स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से जिले के सभी विद्यालयों में गैस कनेक्शन व चूल्हा खरीदारी का निर्देश दिया था. कई माह बीत जाने के बाद भी एक भी विद्यालयों में गैस कनेक्शन नहीं लिया गया है. विद्यालयों में रसोई गैस में घरेलू उपयोग की तरह सब्सिडी भी मिलेगी. योजना के तहत एमडीएम के लिए जो राशि सरकार की ओर से दी जाती है. उसी राशि से सब्जी व ईंधन की व्यवस्था करने का प्रावधान है. इसके बाद भी जिला के एक भी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के लिए गैस चूल्हे में न बना कर सामान्य चूल्हे में बनाया जा रहा है.
50 बच्चों की संख्या पर दो सिलिंडर
गैस सिलिंडर के लिए विद्यालयों में बच्चों की संख्या निर्धारित की गयी है. इसमें एक से 50 बच्चों का मध्याह्न भोजन बनने के लिए दो सिलिंडर की खरीदारी विद्यालय को करना होगा. वहीं 51 बच्चों से 200 बच्चों तक का मध्याह्न भोजन बनने वाले विद्यालय में तीन सिलिंडर एवं दो चूल्हा की खरीदारी करनी होगी. 201 बच्चों से पांच 500 बच्चों का मध्याह्न भोजन बनने वाले विद्यालयों में चार सिलिंडर व तीन चूल्हा की खरीदारी करना पड़ेगा. 500 से ज्यादा बच्चों का मध्याह्न भोजन बनने वाले विद्यालयों में पांच सिलिंडर व चार चूल्हा की खरीदारी करना पड़ेगा.
क्या कहते हैं डीएसइ
जिला के सभी विद्यालयों में रसोई गैस कनेक्शन के लिए विभाग से मार्गदर्शन के लिए पत्र भेजा गया है. विभाग से निर्देश मिलते ही जिला के विद्यालयों में रसोई गैस कनेक्शन लिया जायेगा.
– अभय शंकर, डीएसइ, जामताड़ा
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