नहीं मिल रहा बालू, कैसे बनेंगे पीएम आवास
Updated at : 14 Jun 2017 4:51 AM (IST)
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एनजीटी कोर्ट ने बालू घाटों से बालू उठाव पर लगाया प्रतिबंध जामताड़ा : प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति के लिए अच्छी बात नहीं है़ गरीबों को पक्के मकान सरकार की ओर से दिये जा रहे हैं. गरीब झोपड़ी से पक्के मकान में रहे, लेकिन एनजीटी कोर्ट ने अगले आदेश तक के लिए बालू घाटों से […]
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एनजीटी कोर्ट ने बालू घाटों से बालू उठाव पर लगाया प्रतिबंध
जामताड़ा : प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति के लिए अच्छी बात नहीं है़ गरीबों को पक्के मकान सरकार की ओर से दिये जा रहे हैं. गरीब झोपड़ी से पक्के मकान में रहे, लेकिन एनजीटी कोर्ट ने अगले आदेश तक के लिए बालू घाटों से बालू उठाव पर प्रतिबंध लगा दिया है़ बालू घाटों से बालू का उठाव नहीं होने से न केवल गरीब बल्कि सभी वर्ग के लोगों को परेशानी हो रही है़ एनजीटी कोर्ट ने माॅनसून सत्र को देखते हुए ही इस प्रकार का फरमान जारी किया है़ इस फरमान से गरीबों को दी जाने वाली पक्के मकान पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा़ बता दें कि एनजीटी कोर्ट ने पर्यावरण को ध्यान में रखकर ही इस प्रकार का फरमान जारी किया है़ पिछले 10 जून से ही एनजीटी कोर्ट ने बालू उठाव पर प्रतिबंध लगाया है़
आठ हजार प्रधानमंत्री आवास होंगें प्रभावित
जिले में लगभग आठ हजार प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गयी है, जो बालू के बंद होने से कार्य की प्रगति रूक जायेगी़ आवास बनने के साथ-साथ मजदूरों को रोजगार पर भी प्रभाव पड़ेगा़ प्रधानमंत्री आवास योजना के चलने से मजदूरों को रोजगार भी आसानी से मिल जाता था़ बालू पर रोक लगने से मजदूरों के रोजगार पर भी आफत आ जायेगी़
आठ बालू घाट की हुई है निलामी
जिले में आठ बालू घाटों की निलामी हुई है़ जिससे बालू का उठाव होता है़ कुल 14 बालू घाटों की बंदोबस्ती की गयी थी, जिसमें से 06 बालू घाटों को पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिलने पर बालू का उठाव पहले से ही बंद है़
क्या कहते हैं डीडीसी
डीडीसी मिथिलेश प्रसाद ने कहा कि जिले में लगभग आठ हजार प्रधानमंत्री आवास बन रहा है़ बालू उठाव पर प्रतिबंध लगाया गया है, जो भी सरकार का आदेश होगा, उसे पालन किया जायेगा़
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