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jamshedpur news : प्रबंधन और कार्यबल के बीच विश्वास औद्योगिक शांति की कुंजी : महाधिवक्ता राजीव रंजन

Updated at : 16 Jul 2025 1:14 AM (IST)
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jamshedpur news : प्रबंधन और कार्यबल के बीच विश्वास औद्योगिक शांति की कुंजी : महाधिवक्ता राजीव रंजन

झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने मंगलवार को एक्सएलआरआइ - जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में छात्रों को संबोधित किया.

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jamshedpur news : राज्य केवल नियामक नहीं, बल्कि मध्यस्थ और सुगमकर्ता भी होता है. यह बातें झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने मंगलवार को एक्सएलआरआइ – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में छात्रों को संबोधित करते हुए कहीं. यह सत्र एमबीए-एचआरएम प्रोग्राम के अंतर्गत लेबर लॉ एप्लीकेशंस पाठ्यक्रम के तहत आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व एक्सएलआरआइ दिल्ली-एनसीआर के चीफ स्ट्रैटेजी एवं एचआर हरभजन सिंह द्वारा किया गया. औद्योगिक विवादों के समाधान में राज्य की भूमिका विषयक इस सत्र के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने औद्योगिक संबंधों में कानून, नीति और प्रशासन की भूमिका को विस्तार से समझाया. झारखंड के 12वें महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत राजीव रंजन ( फरवरी 2020 से झारखंड के 12वें महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत ) ने कहा कि औद्योगिक विवादों के समाधान के लिए कानूनी ढांचा तभी प्रभावी हो सकता है जब उसमें संवेदनशीलता हो. प्रबंधन तथा श्रमिकों के बीच विश्वास एवं वफादारी, किसी भी उद्योग में टिकाऊ शांति का आधार हैं.

विधिक दृष्टिकोण से औद्योगिक विवादों की पड़ताल

अपने उद्बोधन में महाधिवक्ता ने इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट की प्रमुख धाराओं का उल्लेख करते हुए श्रमिक-प्रबंधन विवादों में राज्य की भूमिका को एक फेसिलिटेटर के रूप में रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि राज्य न केवल नियमों को लागू करता है, बल्कि जमीनी स्तर पर सुलह, संवाद और समाधान की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाता है. उन्होंने झारखंड और अन्य राज्यों के कई उल्लेखनीय मामलों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे अदालतें और सरकारी एजेंसियां औद्योगिक संतुलन बनाने में सहायक होती हैं. एक विशेष संदर्भ में उन्होंने टाटा स्टील को देश की पहली स्वदेशी कंपनी बताते हुए जमशेदपुर, बोकारो और राउरकेला को औद्योगिक समभुज त्रिकोण कहा और बताया कि यह क्षेत्र भारत के औद्योगिक विकास का आधार स्तंभ रहा है.

विधिक साक्षरता एचआर प्रोफेशनल के लिए है जरूरी

सत्र के अंतिम हिस्से में छात्रों द्वारा कई सवाल पूछे गये, जिसमें श्रम सुधारों में न्यायपालिका की भूमिका, विधिक अनुपालन में चुनौतियां और संघवाद बनाम केंद्रीकरण जैसे विषयों पर महाधिवक्ता ने स्पष्ट और कानूनी दृष्टिकोण से जवाब दिये. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे विधिक साक्षरता आने वाले एचआर प्रोफेशनल के लिए आवश्यक है. एक्सएलआरआइ के प्रो. परमज्योत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. सत्र के बाद राजीव रंजन ने डीन (एकेडमिक्स ) प्रो. संजय पात्रो एवं डीन (प्रशासन एवं वित्त) डॉ. (फादर) डोनाल्ड डिसिल्वा से भी मुलाकात की. उन्होंने एक्सएलआरआइ की शिक्षण गुणवत्ता की सराहना करते हुए इसे बेहतर प्रोफेशनल तैयार करने वाली अग्रणी संस्थान बताया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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