वेज रिवीजन समझौता को लेकर मैनेजमेंट और यूनियन की वार्ता तेज
Jamshedpur News :
टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता मार्च तक कर लेने की तैयारी की गयी है. इसको लेकर वार्ता तेज हो गयी है. बुधवार को भी एचआरएम के अधिकारियों के साथ टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के बीच वार्ता हुई. करीब दो घंटे तक माथापच्ची की गयी. इस दौरान मैनेजमेंट और यूनियन की बातचीत सही ट्रैक पर नजर आयी. मैनेजमेंट के द्वारा संकटों का हवाला दिया गया, लेकिन यूनियन की ओर से यह दलील दी गयी कि महंगाई दर में भी बढ़ोत्तरी हुई है. इस कारण एनएस ग्रेड और स्टील ग्रेड दोनों का वेतन सामान रूप से बेहतर होना चाहिए. मैनेजमेंट ने उत्पादकता (प्रोडक्टविटी) का हवाला दिया और कहा कि जमशेदपुर प्लांट की प्रोडक्टिविटी काफी कम है. इसको कैसे बेहतर किया जाये, इस पर काम करना है, जिसको लेकर वेतन बढ़ोत्तरी के साथ ही मैनपावर को राइटसाइजिंग भी किया जाना चाहिए. इसको लेकर भी बातचीत की गयी. बताया जाता है कि कंपनी चाहती है कि एमजीबी में बढ़ोत्तरी हो और सात साल का वेज रिवीजन समझौता हो. इसका यूनियन ने विरोध किया है. सूत्र बताते हैं कि स्टील ग्रेड कर्मचारियों के मिनिमम गारंटेड बेनीफिट (एमजीबी) में औसतन 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है, जबकि एनएस ग्रेड का करीब 8 से 9 हजार रुपये एमजीबी औसतन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. सात साल का भी ग्रेड रिवीजन करने पर जोर मैनेजमेंट की ओर से दिया गया है. अगर मैनेजमेंट के प्रस्ताव को अमल किया गया तो कर्मचारियों को नुकसान ज्यादा हो सकता है, क्योंकि एमजीबी भी कम होगा और साल भी बढ़ जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

