झारखंड के 2 सांसदों निशिकांत दुबे और विद्युत वरण महतो को संसद रत्न पुरस्कार, जमशेदपुर सांसद को लगातार तीसरी बार

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डॉ निशिकांत दुबे और विद्युत वरण महतो.

Sansad Ratna Award 2025: झारखंड के 2 सांसदों को संसद रत्न पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है. संसद में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 17 सांसदों और 2 संसदीय स्थायी समितियों को संसद रत्न पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है. ये पुरस्कार संसद में सक्रियता, बहस में भागीदारी, प्रश्न पूछने और विधायी कामकाज में योगदान के आधार पर दिये जाते हैं.

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Sansad Ratna Award 2025| जमशेदपुर, संजीव भारद्वाज : झारखंड के 2 सांसदों को संसद रत्न पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है. गोड्डा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे और जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो समेत देश के 17 सांसदों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो लगातार तीसरी बार संसद रत्न पुरस्कार के लिए चुने गये हैं. जमशेदपुर लोकसभा सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड विद्युत वरण महतो के नाम पर है. यह पुरस्कार सांसदों के गैर सरकारी विधेयक लाने, संसद में सवाल पूछने, बहसों में हिस्सा लेने समेत कई अन्य कार्यों के आधार पर दिया जाता है.

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17 सांसदों और 2 संसदीय स्थायी समितियों को मिला संसद रत्न पुरस्कार 2025

संसद में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 17 सांसदों और 2 संसदीय स्थायी समितियों को संसद रत्न पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है. ये पुरस्कार संसद में सक्रियता, बहस में भागीदारी, प्रश्न पूछने और विधायी कामकाज में योगदान के आधार पर दिये जाते हैं. यह पुरस्कार प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन की तरफ से शुरू किया गया है. इस वर्ष के विजेताओं का चयन ज्यूरी ने किया है. इसकी अध्यक्षता हंसराज अहीर, (राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष) ने की. उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार उन सांसदों को दिये जाते हैं, जिन्होंने लोकतंत्र को मजबूती देने के लिए संसद में उत्कृष्ट योगदान दिया है.

लगातार उत्कृष्ट कार्य के लिए 4 सांसदों को विशेष सम्मान

चार सांसदों को संसदीय लोकतंत्र में उत्कृष्ट और सतत योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया जायेगा. प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन के अनुसार, ये 4 सांसद 16वीं और 17वीं लोकसभा में भी संसद में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों में शामिल थे. मौजूदा कार्यकाल में भी लगातार सक्रिय हैं.

  1. भर्तृहरि महताब (भाजपा)
  2. सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी)
  3. एन के. प्रेमचंद्रन (आरएसपी)
  4. श्रीरंग अप्पा बारणे (शिवसेना)

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संसद रत्न पुरस्कार विजेता 13 सांसद

बाकी 13 सांसदों को भी उनके विशिष्ट संसदीय कार्यों के लिए चुना गया है. इनमें कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं. इन सांसदों ने संसद में प्रश्न पूछने, चर्चा में भाग लेने और विधेयकों पर सुझाव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है.

  1. विद्युत वरण महतो (भाजपा)
  2. डॉ निशिकांत दुबे (भाजपा)
  3. स्मिता वाघ (भाजपा)
  4. अरविंद सावंत (शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट)
  5. नरेश गणपत म्हास्के (शिवसेना)
  6. वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस)
  7. मेधा कुलकर्णी (भाजपा)
  8. प्रवीण पटेल (भाजपा)
  9. रवि किशन (भाजपा)
  10. पीपी चौधरी (भाजपा)
  11. मदन राठौर (भाजपा)
  12. सीएन अन्नादुरै (डीएमके)
  13. दिलीप सैकिया (भाजपा)

2 संसदीय समितियों को भी मिला सम्मान

इस वर्ष 2 संसदीय स्थायी समितियों को भी संसद रत्न पुरस्कार से नवाजा जायेगा, जो निम्न हैं.

  • वित्त पर स्थायी समिति के अध्यक्ष : भर्तृहरि महताब ने वित्तीय नीतियों पर कई प्रभावशाली और व्यावहारिक रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की है.
  • कृषि पर स्थायी समिति के अध्यक्ष : चरणजीत सिंह चन्नी (कांग्रेस) की समिति ने किसानों की समस्याओं और कृषि सुधारों पर ठोस सुझाव संसद में रखे हैं.

सांसद विद्युत वरण महतो का तीसरा कार्यकाल

भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो का लोकसभा में यह तीसरा कार्यकाल है. इसके पहले 16वीं लोकसभा चुनाव में वर्ष 2014 में पहली बार जमशेदपुर सीट से सांसद बने थे. सांसद विद्युत वरण महतो इससे पूर्व पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं.

उत्कृष्ट सांसद का मिल चुका है पुरस्कार

लोकसभा में सबसे अधिक सवाल पूछने के मामले में विद्युत वरण महतो 7वें नंबर पर रहे. शीर्ष 9 सांसदों में वे सातवें नंबर पर रहे. इसके अलावा अपने संसदीय क्षेत्र में बेहतर विकास कार्यों के लिए उत्कृष्ट श्रेणी के पुरस्कार के तौर पर उनका चयन हुआ है. संसद में सबसे अधिक सवाल पूछने के साथ-साथ जमशेदपुर सांसद की संसद में उपस्थिति शत-प्रतिशत रही है.

सांसद ने कहा

लगातार तीसरी बार सम्मान मिलने पर विद्युत वरण महतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जमशेदपुर-झारखंड की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, ‘यह पुरस्कार न केवल मेरे लिए एक प्रेरणा है, बल्कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियों की पुष्टि भी है. मैं इसे जमशेदपुर की जनता की जीत मानता हूं, जिन्होंने मुझे सेवा का अवसर दिया.’

2010 में शुरू हुआ पुरस्कार

संसद रत्न पुरस्कार समिति की अध्यक्षता संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और सह-अध्यक्षता पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने की. 2010 में शुरू हुआ यह पुरस्कार अब तक 75 सांसदों को मिल चुका है. यह सरकारी पुरस्कार नहीं है. एक एनजीओ यह पुरस्कार देता है. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर इस पुरस्कार की शुरुआत हुई थी.

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