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झारखंड की शोभा हांसदा को बाल साहित्य पुरस्कार व निरंजन हांसदा को मिलेगा साहित्य अकादमी पुरस्कार

Updated at : 31 Dec 2021 12:50 PM (IST)
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झारखंड की शोभा हांसदा को बाल साहित्य पुरस्कार व निरंजन हांसदा को मिलेगा साहित्य अकादमी पुरस्कार

Jharkhand News: शोभा हांसदा ने बताया कि पति तथा खड़गपुर की साहित्यकार यदुनाथ बेसरा ने उन्हें लिखने के लिए प्रेरित किया. पहली कविता उन्होंने वर्ष 2014 में लिखी थी. इसके बाद वर्ष 2019 में हाली मोन की रचना की.

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Sahitya Akademi award 2021: झारखंड के पू्र्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत बरडीकानपुर-कालापाथर पंचायत स्थित बरडीकानपुर गांव की बहू शोभा हांसदा का चयन बाल साहित्य पुरस्कार 2021 के लिए किया गया है. शोभा ने बाल साहित्य हाली मोन की संथाली भाषा में रचना लिखी थी. साहित्य अकादमी नयी दिल्ली द्वारा शोभा हांसदा को पुरस्कृत किया जायेगा. शोभा अपने पति फाल्गुनी हांसदा के साथ खड़गपुर रेलवे क्वार्टर में रहती हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम निवासी निरंजन हांसदा को साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है. निरंजन हांसदा को उनके द्वारा लिखी गयी पुस्तक मोनेर अड़ांग (मन की बात) के लिए पुरस्कार देने का फैसला किया गया है.

शोभा हांसदा ने बताया कि पति तथा खड़गपुर की साहित्यकार यदुनाथ बेसरा ने उन्हें लिखने के लिए प्रेरित किया. पहली कविता उन्होंने वर्ष 2014 में लिखी थी. इसके बाद वर्ष 2019 में हाली मोन की रचना की. उन्होंने बताया कि तीन अन्य पुस्तकें लिख रही हूं. शोभा गृहिणी है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1988 से वे ऑल इंडिया संथाली राइटर्स एसोसिएशन से जुड़ी है. उन्होंने कहा कि पति के सहयोग के कारण ही उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ. शोभा का मायका पश्चिम बंगाल स्थित बेलपहाड़ी में है. यहां से उन्होंने 12वीं की पढ़ाई की थी. इसी दौरान उनकी शादी हो गयी और आगे की पढ़ाई नहीं कर सकी. अब कविता, कहानी और उपन्यास लिखने के दौरान फिर से उनके भीतर पढ़ने की इच्छा जागृत हुई है. उन्होंने बताया कि जल्द ही वह स्नातक में नामांकन करायेंगी.

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पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम निवासी निरंजन हांसदा को साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है. निरंजन हांसदा को उनके द्वारा लिखी गयी पुस्तक मोनेर अड़ांग (मन की बात) के लिए पुरस्कार देने का फैसला किया गया है. वह ऑल इंडिया राइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने मिदनापुर जिला से ही उच्च शिक्षा हासिल की. उन्होंने बांग्ला में ही तीन लघुकथा लिखी थी, पर 2003 में ओलचिकी को मान्यता मिलने के बाद उन्होंने पांच पुस्तकें लिखी. वहीं, मयूरभंज के बहालदा निवासी कूना हांसदा का चयन भी साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार के लिए किया गया है.

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साहित्य अकादमी ने गुरुवार को वर्ष 2021 के साहित्य अकादमी पुरस्कार की घोषणा की. हिंदी में दया प्रकाश सिन्हा को उनके नाटक ‘सम्राट अशोक’ के लिए, अंग्रेजी में नमिता गोखले को उनके उपन्यास ‘थिंग्स टू लीव बिहाइंड’ तथा पंजाबी में खालिद हुसैन को उनके कहानी संग्रह ‘सूलां दा सालण’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है. कविता-संग्रहों के लिए मोदाय गाहाय (बोडो), संजीव वेरेंकार (कोंकणी), हृषिकेश मल्लिक (ओड़िया) को पुरस्कृत किया जायेगा.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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