पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ रोहिन पर्व मनाया गया

Published by : SANJAY PRASAD Updated At : 29 May 2026 12:48 AM

विज्ञापन

आदिवासी-मूलवासी समाज ने गुरुवार को खेतों में बीज की बुआइ व पूजा-अर्चना कर रोहिनी पवर्व मनाया

विज्ञापन

jamshedpur. आदिवासी-मूलवासी समाज ने गुरुवार को पूर्वजों की जमाने से चली आ रही रोहिन पर्व गुरुवार को पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया. किसानों ने खेतों में धान बीज बुआई कर नये कृषि सत्र का शुभारंभ किया. गांव के खेत-खलिहानों में पारंपरिक पूजा-अर्चना का माहौल देखने को मिला. सामाजिक कार्यकर्ता व किसान सुधांशु बानुआर ने बताया कि रोहिन पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि उनकी कृषि, सभ्यता, प्रकृति संरक्षण और पुरखों की परंपरा से जुड़ी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है. किसान अपने खेतों में तीन मुट्ठी धान बीज डालकर पूर्वजों और प्रकृति देवता को स्मरण करते हैं. इसके बाद शाम के समय खेतों से रोहिन माटी (मिट्टी) घर लाने की एक विशेष परंपरा निभायी जाती है. किसान विश्वनाथ महतो ने बताया कि रोहिन पर्व के दिन रोहिन फल को खाने का विशेष परंपरा है. .

विज्ञापन
SANJAY PRASAD

लेखक के बारे में

By SANJAY PRASAD

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola