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जमशेदपुर के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन में रह रही किशोरियों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, कई जांच अब तक अधूरी

Jharkhand News (जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम) : पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशदेपुर स्थित टेल्को के मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट से भागी दो बच्चियों और उनके बरामद होने के बाद उन्होंने जो बतायी उससे चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन (Child Care Institution- CCI) में रह रही किशोरियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. दोनों किशोरियों की शिकायत के बाद इस मामले पर मंथन होने लगा है.

Jharkhand News (जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम) : पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशदेपुर स्थित टेल्को के मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट से भागी दो बच्चियों और उनके बरामद होने के बाद उन्होंने जो बतायी उससे चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन (Child Care Institution- CCI) में रह रही किशोरियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. दोनों किशोरियों की शिकायत के बाद इस मामले पर मंथन होने लगा है.

टेल्काे स्थित मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट में रह रही बच्चियों के साथ जो कुछ हुआ या हो रहा था वह कोई नया मामला नहीं है. ऐसे कई मामले इससे पहले भी प्रकाश में आ चुके हैं. 4 साल पहले मिशनरीज ऑफ चैरिटी से बच्चों की बिक्री का विवाद, मानगो के सोमाया मेमोरियल में फर्जी अनाथ बच्चों का मामला आज भी जांच के घेरे में है.

दरअसल, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रशासन अनाथ, भटके और घर से भागे बच्चों के प्रति उतना संवेदनशीलता नहीं दिखता है, जितना होना चाहिए. बच्चों के मामले को देखने के लिए अलग-अलग स्तर के जिला में समितियां व जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किये गये हैं.

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जस्टिस जुबेनाई बोर्ड के तहत संचालित बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (DCPO), जिला जांच कमेटी (DIC) बना कर रखा गया है. बकायदा इन कमेटियों के लिए पदाधिकारी नियुक्त हैं. लेकिन, होता यह है कि जब किसी अनाथ, भटके या भागे हुए बच्चों का रेस्क्यू किया जाता है उस वक्त तो सभी सक्रिय दिखते हैं, लेकिन बच्चों को किसी चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन में रखवाने के बाद जिम्मेदारी बस कागजी कार्रवाई और आंकड़े बनाने भर में रह जाते हैं.

बच्चे कहां और किस स्थिति में हैं, जहां उन्हें सुरक्षित रखने के लिए भेजा गया है, वहां वह किस परिस्थिति में है, इसकी उचित मॉनिटरिंग का अभाव दिखता है. अगर अधिकारी यह कहते हैं कि उन्होंने उचित देखरेख, औचक निरीक्षण और काउंसेलिंग की है, तो मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट जैसी घटना नहीं होनी चाहिए थी.

अनाथालयों में रहने वाले बच्चों की बिक्री और सोमाया मेमोरियल में फर्जी अनाथ बच्चों का मामला उठाने वाले बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान के मुख्य संयोजक सदर ठाकुर को आज तक इस मामले में जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट का इंतजार है. उन्होंने प्रशासन और राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार से इस संबंध में दर्जनों बार पत्राचार किया है, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है. सदन ठाकुर कहते हैं कि ऐसे में गलत करने वालों को कैसे नहीं प्रशय मिलेगा.

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बच्चा बिक्री और फर्जी अनाथ बच्चों का मामला

4 वर्ष पूर्व जमशेदपुर शहर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में CCI और एडाॅप्शन एजेंसी से बच्चों की बिक्री होने के मामले ने भूचाल ला दिया था. रांची और जमशेदपुर से लेकर राज्य के सभी मिशनरी और CCI एडॉप्शन सेंटर की जांच और बच्चों के आंकड़ों का मिलान शुरू हो गया. इसी दौरान जमशेदपुर शहर के मानगो स्थित सोमाया मेमोरियल स्कूल में स्थापित अनाथालय में 67 फर्जी अनाथ बच्चों के रहने का मामला सामने आया. हालांकि, इसकी सच्चाई सामने नहीं आयी है.

Posted By : Samir Ranjan.

Prabhat Khabar Digital Desk
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