Jamshedpur news. गोपाल मैदान में मांदर व नगाड़े की थाप पर थिरके पांव, कलाकारों की भाव-भंगिमा से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

Updated at : 07 Mar 2025 7:46 PM (IST)
विज्ञापन
Jamshedpur news. गोपाल मैदान में मांदर व नगाड़े की थाप पर थिरके पांव, कलाकारों की भाव-भंगिमा से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

जोहार ट्रस्ट और आदिवासी हो समाज महासभा पूर्वी सिंहभूम का तीन दिवसीय राष्ट्रीय मागे महोत्सव शुरू

विज्ञापन

Jamshedpur news.

बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में शुक्रवार को देशभर के विभिन्न राज्यों से आये आदिवासी समुदाय के लोग अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को साकार करते नजर आये. रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे आदिवासी कलाकारों ने मांदर और नगाड़ों की थाप पर नृत्य प्रस्तुत किया. यह नृत्य और संगीत केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से वे प्रकृति के प्रति प्रेम, आपसी एकता और संस्कृति की अखंडता का संदेश दे रहे थे. हर थाप, हर लय में जल, जंगल, जमीन और आदिवासियत के अस्तित्व को बचाने की गूंज थी. यह आयोजन जोहार ट्रस्ट और आदिवासी हो समाज महासभा पूर्वी सिंहभूम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय मागे महोत्सव का हिस्सा था, जिसने पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में रंग दिया. नृत्य के दौरान कलाकारों की मुद्राएं और भाव-भंगिमाएं इतनी आकर्षक थीं कि दर्शक भी मंत्रमुग्ध होकर ताल मिलाने लगे.

अखड़ा मागे सुसुन व मेगा आर्ट फेस्ट आज

शनिवार को अखड़ा मागे सुसुन पारंपरिक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन होगा. इसमें देशभर से आयीं सर्वश्रेष्ठ नृत्य मंडलियां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी. विजेता मंडली को 81 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जायेगा. इसके साथ ही स्कूल और कॉलेज के 2000 से अधिक छात्र-छात्राएं मेगा आर्ट फेस्ट में अपनी कला का जादू बिखेरेंगे. इस रंगारंग प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जायेगा. यह आयोजन न सिर्फ कला और संस्कृति को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और अपनी जड़ों से जुड़ने का भी अवसर देगा.

पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल पर उमड़ी भीड़

जमशेदपुर के राष्ट्रीय मागे महोत्सव में इस बार 200 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं, जहां आदिवासी व्यंजन, परिधान, पुस्तकें, कला एवं शिल्प, फर्नीचर, डेकोरेशन आइटम, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कार एवं बाइक जैसी विविध वस्तुएं प्रदर्शित की गयी हैं. महोत्सव में आदिवासी पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉलों पर खासा उत्साह देखा गया. जिलु खिचड़ी, जिलु लेटो, जिलु पीठा, रोस्टेड फिश, डुसका और गुड़ पीठा जैसे विशेष व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी. महोत्सव में पहुंचे लोगों ने जहां सांस्कृतिक झलकियों का आनंद लिया, वहीं पारंपरिक पकवानों का स्वाद भी चखा. पूरे आयोजन स्थल पर संस्कृति, स्वाद और परंपरा का संगम देखने को मिला.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola