ePaper

जमशेदपुर का लोयोला बीएड कॉलेज हुआ बंद, जानें कोल्हान के सबसे पुराने बीएड कॉलेज के बंद होने की क्या है वजह

Updated at : 20 Jan 2021 10:22 AM (IST)
विज्ञापन
जमशेदपुर का लोयोला बीएड कॉलेज हुआ बंद, जानें कोल्हान के सबसे पुराने बीएड कॉलेज के बंद होने की क्या है वजह

लोयोला कॉलेज अॉफ एजुकेशन (लोयोला बीएड कॉलेज) अब बंद हो जायेगा.

विज्ञापन

loyola b ed college jamshedpur, loyola b ed college jamshedpur latest news जमशेदपुर : टेल्को में संचालित लोयोला कॉलेज अॉफ एजुकेशन (लोयोला बीएड कॉलेज) अब बंद हो जायेगा. कॉलेज के शासी निकाय ने यह चौंकाने वाला फैसला लिया है. सेक्रेटरी फादर सुशील सुमन केरकेट्टा ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि कॉलेज प्रबंधन सत्र 2020-22 के लिए एडमिशन नहीं लेगा. कोल्हान व आस-पास का यह सबसे पुराना बीएड कॉलेज 1976 से संचालित था.

कॉलेज प्रबंधन के इस फैसले के बाद समीक्षा शुरू हो गयी है कि आखिर सरकार जब नयी यूनिवर्सिटी व स्कूल-कॉलेज खोलने की दिशा में प्रयासरत है, करीब 45 साल से संचालित इस बीएड कॉलेज को बंद करने की नौबत क्यों आयी.

बीएड में सेंट्रलाइड एडमिशन सिस्टम है मुख्य कारण :

झारखंड के बीएड कॉलेजों में अब सेंट्रलाइज सिस्टम से एडमिशन होता है. यानी अभ्यर्थी चांसलर पोर्टल के जरिये एडमिशन के लिए आवेदन देते हैं.

प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी कर उम्मीदवारों को कॉलेज अलॉट कर दिया जाता है. जितने उम्मीदवार कॉलेज को दिये जाते हैं, उनका एडमिशन लेकर उन्हें दो साल तक पढ़ाना पड़ता है. नियमानुसार कॉलेज प्रबंधन चाह कर भी अपने स्तर से एडमिशन नहीं ले सकता. इस नियम की वजह से लोयोला बीएड कॉलेज में कुल 100 में से 38 सीटें खाली हैं. पिछले साल भी कॉलेज को केवल 62 अभ्यर्थी ही दिये गये थे. कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि कम विद्यार्थियों की वजह से संस्थान पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है.

शिक्षक-शिक्षिकाओं व शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन पर करीब 80 लाख रुपये खर्च आता है. सेंट्रलाइज सिस्टम लागू होने के बाद एडमिशन कम होने की वजह ऐसी स्थिति बनी है कि खर्च पूरा नहीं पड़ रहा है. गौरतलब है कि झारखंड के बीएड कॉलेजों में कुल 14,000 सीटें हैं. हालांकि, इस साल उक्त 14,000 सीटों के लिए 76,000 फॉर्म भरे गये हैं.

शिक्षक-शिक्षिकेतर कर्मचारी हो जायेंगे बेरोजगार.

लोयोला बीएड कॉलेज बंद होने से यहां कार्यरत दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाएं बेरोजगार हो जायेंगे. इसमें कई ऐसे भी शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं, जो दो दशक से ज्यादा समय से कॉलेज से साथ जुड़े थे. फिलहाल कॉलेज प्रबंधन की ओर से इनके नियोजन को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

एक्सआइटीइ गम्हरिया में शुरू होगा कंपोजिट कॉलेज, बीएड भवन में चलेगा लोयोला स्कूल

कॉलेज प्रबंधन ने अनुसार नयी शिक्षा नीति में बहुविषयक कॉलेज में ही बीएड कोर्स संचालित करने का नियम है. जिस कारण टेल्को में लोयोला बीएड कॉलेज बंद कर उसे गम्हरिया स्थित एक्सआइटीइ कैंपस में संचालित करने की योजना है. यहां कंपोजिट कॉलेज चलेगा. इसे लेकर एचआरडी के साथ ही कोल्हान विवि में भी पत्राचार किया गया है. वहीं दूसरी अोर, टेल्को में लोयोला बीएड कॉलेज के भवन का इस्तेमाल लोयोला कॉलेजियट स्कूल के विस्तार के लिए किया जायेगा.

नयी शिक्षा नीति के नियमों का भी पड़ा असर :

नयी शिक्षा नीति में जिक्र किया गया है कि अब एकल बीएड कॉलेज संचालित नहीं होंगे. उनकी जगह बहुविषयक संस्थान ही बीएड कोर्स संचालित कर सकते हैं. नयी शिक्षा नीति के इस मसौदे के कारण राज्य के कई अन्य बीएड कॉलेजों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है.

एक्सएलआरआइ कैंपस में चलता था कॉलेज :

लोयोला बीएड कॉलेज का प्रारंभ में संचालन एक्सएलआरआइ कैंपस में ही होता था. बाद में इसे टेल्को में शिफ्ट किया गया. वहां अलग से भवन निर्माण कर बीएड कॉलेज का संचालन किया जा रहा है. इसी कैंपस के बगल में लोयोला कॉलेजियट स्कूल भी है.

Posted By : Sameer Oraon

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola