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झारखंड के 2 वैज्ञानिकों डॉ अभिलाष और डॉ पूरबी साइकिया को राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार

Updated at : 09 Aug 2024 11:02 AM (IST)
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डॉ अभिलाष और डॉ पूर्वी साइकिया.

Jharkhand News: राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार हासिल करने के लिए जनवरी में डॉ अभिलाष ने आवेदन किया था. उन्होंने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में क्या-क्या कार्य किए, इसका उल्लेख भी किया.

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Jharkhand News|जमशेदपुर, संदीप सावर्ण : झारखंड के 2 वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार के लिए चुना गया है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड की डॉ पूरबी साइकिया और जमशेदपुर स्थित सीएसआइआर-एनएमएल के साइंटिस्ट डॉ अभिलाष को 23 अगस्त को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली में सम्मानित करेंगी. इस बार 33 वैज्ञानिकों का इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है.

डॉ अभिलाष ने परिजनों और सीएसआइआर-एनएमएल को दिया श्रेय

डॉ अभिलाष को केंद्र सरकार की ओर से पत्र मिला है, जिसमें उनसे कहा गया है कि वे 23 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हों. डॉ अभिलाष ने कहा कि अपने चयन से वे काफी उत्साहित हैं. उन्होंने इसका श्रेय परिजनों के साथ-साथ सीएसआइआर-एनएमएल को दिया. कहा कि एनएमएल में 19 वर्षों के दौरान काफी कार्य किया.

एनएमएल के डॉ अभिलाष को वेस्ट री-साइक्लिंग के लिए अवॉर्ड

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार हासिल करने के लिए जनवरी में जमशेदपुर के डॉ अभिलाष ने आवेदन किया था. उन्होंने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में क्या-क्या कार्य किए, इसका उल्लेख भी किया. इसमें वेस्ट री-साइक्लिंग समेत विभिन्न प्रकार के मेटल के तत्वों को अलग करने से जुड़ी तकनीक की व्याख्या की थी.

केंद्र सरकार ने की राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों की घोषणा

केंद्र सरकार ने साइंस एंड टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. इस बार प्रख्यात बायोकेमिस्ट गोविंदराजन पद्मनाभन को पहले विज्ञान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा चंद्रयान-3 के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को विज्ञान टीम सम्मान दिया जायेगा.

33 वैज्ञानिकों का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए हुआ है चयन

केंद्र सरकार ने 33 राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों की घोषणा की है, जिसमें सीएसआइआर-एनएमएल के साइंटिस्ट डॉ अभिलाष का भी चयन किया गया है. डॉ अभिलाष का चयन युवा विज्ञान के लिए किया गया है. उनका चयन इंजीनियरिंग साइंसेस केटेगरी में किया गया है.

अंतरिक्ष दिवस पर 23 अगस्त को प्रदान किए जाएंगे पुरस्कार

केंद्र सरकार की ओर से जारी सूची में सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड की डॉ पूरबी साइकिया का भी चयन एनवायरमेंटल केटेगरी में किया गया है. हालांकि, अभी वह बीएचयू में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं. इस पुरस्कार के लिए हर वर्ष 14 जनवरी से 28 फरवरी तक नामांकन आमंत्रित किए जाते हैं. 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं.

कौन हैं डॉ अभिलाष, जिन्हें मिला राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार?

डॉ अभिलाष जमशेदपुर स्थित एनएलएम में कार्यरत वैज्ञानिक हैं. उन्होंने राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार के लिए जनवरी में आवेदन किया था. इसमें इंजीनियरिंग के क्षेत्र में क्या-क्या कार्य किए, इसका उल्लेख किया था. इसमें वेस्ट री-साइक्लिंग समेत विभिन्न प्रकार के मेटल के तत्वों को अलग करने से जुड़ी तकनीक की व्याख्या की थी.

कौन हैं डॉ पूरबी साइकिया?

डॉ पूरबी साइकिया को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड में पढ़ा चुकीं डॉ पूरबी साइकिया का चयन एनवायरमेंटल केटेगरी में हुआ है. अभी वह बीएचयू में एसोसिएट प्रोफेसर हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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