Jamshedpur News : बिना स्थायी बिजली और पानी के चल रहा है जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी

Jamshedpur News : शहर की प्रतिष्ठित जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संचालित हो रही है. स्थायी बिजली और पानी की सुविधा के बिना, यहां 12,000 से अधिक छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं.
विश्व विद्यालय प्रशासन ने बिजली विभाग में दो करोड़ रुपये जमा कराये, 15 मार्च से स्थायी बिजली मिलने की उम्मीद
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शहर की प्रतिष्ठित जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संचालित हो रही है. स्थायी बिजली और पानी की सुविधा के बिना, यहां 12,000 से अधिक छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं. हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जुस्को के बिजली विभाग से संपर्क कर दो करोड़ रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा किया है, जिससे उम्मीद जतायी जा रही है कि 15 मार्च तक स्थायी बिजली उपलब्ध हो सकती है.राज्यपाल के कार्यक्रम में गुल हुयी थी बिजली
हाल ही में विश्वविद्यालय के सिदगोड़ा कैंपस में द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे. कार्यक्रम के दौरान जब वे सिनेट हॉल के उद्घाटन के लिए पहुंचे, अचानक बिजली गुल हो गयी, जिससे उन्हें कुछ समय के लिए बाहर लौटना पड़ा. बाद में बिजली आने पर उद्घाटन संपन्न हुआ.
2016 से निर्माण शुरू, 2023 में मिला हैंडओवर
2016-17 में यूनिवर्सिटी के सिदगोड़ा परिसर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जिसमें एक अकादमिक ब्लॉक और एक महिला छात्रावास बनाया जाना था. दिसंबर 2021 में बिल्डिंग तैयार हुई, लेकिन फर्निशिंग का काम 2023 में पूरा हुआ. 11 अक्टूबर 2023 से विश्वविद्यालय ने नये परिसर में शिक्षा प्रदान करनी शुरू की.जर्जर हो रहा नया भवन
यूनिवर्सिटी को हैंडओवर मिलने के महज दो साल बाद ही भवन जर्जर हो गया, जिसके बाद हाल में उसका जीर्णोद्धार कराया गया. प्रबंधन का कहना है कि निर्माण में त्रुटियों के कारण यह समस्या उत्पन्न हुयी.कुलसचिव का दावा- 15 मार्च तक स्थायी बिजली मिलने की उम्मीद
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिजली और पानी की समस्या को लेकर झारखंड सरकार से संपर्क किया है. कुलसचिव के अनुसार, बकाया बिल जमा करने और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 15 मार्च तक स्थायी बिजली मिलने की संभावना है.समस्याओं को लेकर उठ रही मांग
यूनिवर्सिटी के संचालन में कई समस्याएं बनी हुई हैं, जिनमें शिक्षकों और स्टाफ की कमी भी शामिल है. इसको लेकर शिक्षाविदों और छात्रों ने मांग की है कि कुलपति सभी समस्याओं को सामने लाएं, ताकि विश्वविद्यालय को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके और छात्राओं की शिक्षा बाधित न हो.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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