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...तो 20 साल बाद कोई घुसपैठिया होगा झारखंड का मुख्यमंत्री, जमशेदपुर में बोले हिमंत बिस्व सरमा

Updated at : 02 Aug 2024 10:25 PM (IST)
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Jharkhand Election 2024

Jharkhand Election 2024, File Photo

Jamshedpur News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि अगर झारखंड में इसी तरह घुसपैठिए बढ़ते रहे, तो एक दिन यहां का सीएम घुसपैठिया ही होगा.

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Jamshedpur News: असम के मुख्यमंत्री सह झारखंड भाजपा के सह-प्रभारी हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि झारखंड की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. पहले राज्य में घुसपैठियों की आबादी 20 प्रतिशत थी, अब बढ़कर 60-70 प्रतिशत हो गयी है. पाकुड़ के गांव से आदिवासी-मूलवासियों को निकल जाने के लिए कहा जा रहा है. यह राजनीति का नहीं, बल्कि गंभीर चिंतन का विषय है.

बिष्टुपुर में जमशेदपुर महानगर भाजपा की संगठनात्मक बैठक

हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि इस मामले में यदि नियमानुसार जल्दी कार्रवाई नहीं गयी, तो 20 साल के बाद झारखंड का मुख्यमंत्री कोई स्थानीय नहीं, बल्कि एक घुसपैठिया होगा और उसका आदेश यहां के लोगों मानना होगा. ये बातें श्री सरमा ने शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहीं. वे यहां तुलसी भवन में जमशेदपुर महानगर संगठनात्मक बैठक में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देने पहुंचे थे. इस अवसर पर उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी मौजूद थे.

झारखंड सरकार बोले तो एक-एक घुसपैठिए को निकाल देंगे

असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर झारखंड सरकार लिखकर देती है कि घुसपैठिए को बाहर निकालना केंद्र सरकार का काम है, तो हम एक-एक को बाहर निकाल देंगे. घुसपैठिए झारखंड में पहले से मौजूद हैं, इसलिए यह राज्य सरकार का मामला है. यह घुसपैठ का मुद्दा नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता का सवाल है. इस मुद्दे पर राजनीति करने की बजाय एक साथ लड़ना होगा. कौन विधायक बनेगा, अब यह मुद्दा नहीं है. झारखंड से घुसपैठियों को निकालने को मुद्दा बनाना होगा.

झारखंड में सीएम का चेहरा जनता होगी

झारखंड में भाजपा जीतती है, तो मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल पर उन्होंने सीधे जवाब नहीं दिया. फिर उनसे पूछा गया कि क्या बाबूलाल मरांडी या अर्जुन मुंडा, तो उन्होंने कहा कि भाजपा का चेहरा यहां की जनता होगी.

असम में चंडीगढ़ के बराबर जमीन मुक्त करायी

हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि उन्होंने असम में घुसपैठियों के खिलाफ संविधान के अनुसार कार्रवाई शुरू की है. चार-पांच साल में चंडीगढ़ जितनी जमीन घुसपैठियों से खाली करा ली है. मदरसे भी बंद करा दिये हैं. घुसपैठियों से जो नुकसान होना था, वह हो चुका है.

घुसपैठियों के मामले में असम नंबर वन, बंगाल दूसरे नंबर पर

घुसपैठियों के मामले में असम नंबर वन पर है. दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल, तीसरे पर झारखंड और चौथे पर त्रिपुरा है. श्री सरमा ने सीटों के फार्मूले पर कहा कि वह छोटी बातों में नहीं पड़ते. यह अंदरूनी मामला है. हम सभी हिंदू एक हैं, मिलकर लड़ेंगे. किसको कितनी सीटें दी जायेंगी, यह तय कर लेंगे. भाजपा यानी हिंदू का घर.

मुसलमान-मुसलमान करती रहती है कांग्रेस

असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में हिंदू- मुसलमान बड़ा मुद्दा है. अगर यह मुद्दा नहीं होता, तो पाकिस्तान क्यों बनता? उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस को मुसलमान वोट नहीं देता. कम से कम भाजपा हिंदू-मुसलमान करती है, लेकिन कांग्रेस तो सिर्फ मुसलमान-मुसलमान करती है. राहुल गांधी जब अपनी जाति का नाम बताएंगे, तभी जातीय जनगणना होगी. अगर वह नाम व जाति नहीं बतायेंगे, तो जातीय जनगणना कैसे होगी.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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