सिविल सर्जन कार्यालय में डॉक्टरों को मिला प्रशिक्षण
25 जनवरी तक सभी स्वास्थ्यकर्मियों को किया जायेगा ट्रेंड
jamshedpur news :
महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय की ग्रीवा का कैंसर) की रोकथाम को लेकर सरकार ने अहम पहल की है. अब बाजार में करीब 10 हजार रुपये में उपलब्ध ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क दी जायेगी. राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की तैयारी के तहत शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय में जिले के चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. शिविर की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने की. डॉ पाल ने बताया कि पहले चरण में 14 वर्ष की आयु की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन दी जायेगी. जिले के सभी डॉक्टरों, एएनएम और सहियाओं का प्रशिक्षण 25 जनवरी तक पूरा कर लिया जायेगा, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक इस अभियान को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके.90 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार एचपीवी
रांची से आये स्टेट टेक्निकल ऑफिसर रतिश कुमार माझी ने बताया कि एचपीवी वायरस कम से कम छह प्रकार के कैंसर का कारण बनता है. इनमें 90 प्रतिशत से अधिक मामले सर्वाइकल और गुदा कैंसर के होते हैं. कई बार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता इस वायरस को नष्ट कर देती है, लेकिन संक्रमण लंबे समय तक बना रहने पर यह कैंसर का रूप ले लेता है. ऐसे में टीकाकरण सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है.भारत में गंभीर स्थिति, ऑस्ट्रेलिया बना उदाहरण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में हर वर्ष लगभग 1.20 लाख नये सर्वाइकल कैंसर के मामले सामने आते हैं, जिनमें करीब 75 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है. ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के कारण इस कैंसर को लगभग समाप्त कर दिया गया है.गूगल नहीं, डॉक्टर पर भरोसा करें : डॉ रंजीत पांडा
जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ रंजीत कुमार पांडा ने लोगों से अपील की कि संक्रमण के लक्षण दिखने पर इंटरनेट या गूगल पर निर्भर न रहें, बल्कि प्रशिक्षित चिकित्सक से परामर्श लें. उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए 14 वर्ष की आयु में एचपीवी टीकाकरण ही सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

