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आपातकाल लगानेवालों के मुंह से संविधान बचाने की बातें अच्छी नहीं लगती : अमर बाउरी

Updated at : 25 Jun 2024 7:03 PM (IST)
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आपातकाल लगानेवालों के मुंह से संविधान बचाने की बातें अच्छी नहीं लगती : अमर बाउरी

मानगो स्थित बड़ा हनुमान मंदिर सभागार में महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा की अध्यक्षता में ''लोकतंत्र की रक्षा-हमारा संकल्प'' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में आपातकाल को भारतीय इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोकतंत्र सेनानियों को स्मरण कर नमन किया गया.

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भाजपा ने आपातकाल के विरोध में मनाया काला दिवस

शहर के लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित, संगोष्ठी में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी

जमशेदपुर :

1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाये गये आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ को भाजपा ने मंगलवार को काला दिवस के रूप में मनाया. मानगो स्थित बड़ा हनुमान मंदिर सभागार में महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा की अध्यक्षता में ””लोकतंत्र की रक्षा-हमारा संकल्प”” विषय पर आयोजित संगोष्ठी में आपातकाल को भारतीय इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोकतंत्र सेनानियों को स्मरण कर नमन किया गया. संगोष्ठी में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी, कार्यक्रम प्रभारी गुरविंदर सिंह सेठी, पूर्व विधायक मेनका सरदार, प्रदेश मंत्री नंदजी समेत अन्य नेतागण विशेष रूप से मौजूद रहे. नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने आपातकाल के समय जेल में यातनाएं झेलने वाले लोकतंत्र के सजग प्रहरी राम प्रवीण पांडेय, हरेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार अवस्थी को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया और उनका आभार जताया. इससे पहले, भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम स्थल से गांधी मैदान तक पदयात्रा कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया.

कांग्रेस ने देश पर थोपा था आपातकाल : बाउरी

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने कहा कि 25 जून, 1975 की मध्यरात्रि में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय है. 49 वर्ष पूर्व कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, शिक्षा में गिरावट और अपनी सत्ता को बचाए रखने के लिए देश पर आपातकाल थोप दिया था. आपातकाल लगाकर देश के लोकतंत्र में कालिख पोतनेवाली कांग्रेस पार्टी के मुंह से संविधान की रक्षा की बात अच्छी नहीं लगती. संविधान बदलने जैसे नारे लगाकर कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में जनता को गुमराह किया, जबकि हकीकत यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने संविधान को ही कैद कर अपनी हुकूमत चलाते हुए आपातकाल लागू कर दिया. लोकतंत्र एवं संविधान खतरे में है ऐसी बातें करनेवालों को आपातकाल का वह काला दौर याद करना चाहिए.कार्यक्रम के प्रभारी गुरविंद्र सिंह सेठी ने कहा कि मुगलों के शासन में धार्मिक आधार पर लोगों को प्रताड़ित किया गया. वहीं अंग्रेजों के शासन में शोषण के जरिए जनता प्रताड़ित होती रही. संगोष्ठी के दौरान स्वागत संबोधन जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा, मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष संजीव सिन्हा एवं धन्यवाद ज्ञापन विजय तिवारी ने किया.

इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव नारायण शर्मा, देवेंद्र सिंह, अभय सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, बिनोद सिंह, राजकुमार श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, गुंजन यादव, मंजीत सिंह, ज्ञान प्रकाश समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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