Jamshedpur News : देश का विकास रिसर्च और डेवलपमेंट से ही संभव : डॉ. शिवानंद सिंह

Edited by RAJESH SINGH
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जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की शुरुआत हुई.

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जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की हुई शुरुआत

Jamshedpur News :

जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की शुरुआत हुई. यह कार्यशाला ”जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, बायोइन्फॉर्मेटिक्स टूल्स एंड टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन: फ्रॉम इंस्टीट्यूट टू इंडस्ट्री” विषय पर केंद्रित थी. आयोजन उत्तराखंड स्थित डीएनए लैब्स और सेंटर फॉर रिसर्च एंड इनोवेटिव स्टडीज के सहयोग से हुआ.

कार्यक्रम का उद्घाटन एक्सएलआरआइ सभागार में हुआ, जिसमें श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. शिवानंद सिंह, डीएनए लैब्स के वैज्ञानिक डॉ. नरोत्तम शर्मा और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे. कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. स्वाति सोरेन रहीं.श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. शिवानंद सिंह ने कहा कि किसी भी देश का विकास रिसर्च और डेवलपमेंट से ही संभव है. झारखंड सरकार इस दिशा में सक्रिय है और उच्च शिक्षण संस्थानों को रिसर्च हेतु आर्थिक सहायता दे रही है.

उद्घाटन सत्र में अरका जैन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. एसएस रज़ी और नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. फिरोज अहमद भी शामिल हुए. कार्यशाला में कोल्हान क्षेत्र सहित अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं अधिकारी शामिल हुए.

प्रशिक्षण कार्यक्रम में चार वर्क स्टेशन शामिल थे

1. लैब ए : डॉ. नरोत्तम शर्मा ने बायोरैड टी-100 एंड प्वाइंट पीसीआर मशीन का उपयोग करके पोलीमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) का प्रदर्शन किया.

2. लैब बी : डॉ. रमेश सिंह ने एगारोज जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस और एसडीएस पेज सत्रों का नेतृत्व किया.

3. लैब सी : डॉ. अंकिता सिंह ने सिलिका कॉलम और मैग्नेटिक बीड्स विधियों का उपयोग करके डीएनए अलगाव का प्रदर्शन किया.

4. लैब डी : मिस्टर जगजीत सिंह ने एलिसा (एंजाइमी परख) का संचालन किया.

साइंस की पढ़ाई होती है, लेकिन प्रैक्टिकल नहीं हो पाता : डॉ स्वाति

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ स्वाति सोरेन ने कहा कि झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ समेत हिंदी पट्टी के राज्यों में साइंस की पढ़ाई बेहतर तरीके से होती है, लेकिन विद्यार्थी जो पढ़ाई कर रहे हैं, उसे प्रैक्टिकल करने के लिए उचित संसाधनों का अभाव है. यही कारण है कि वे रिसर्च के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाते हैं. सरकार के स्तर से इस दिशा में सहयोग करने पर झारखंड में ही एक से बढ़ कर एक रिसर्च हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए अलग से फंड आवंटित कर रही है.

कॉलेज आकर लगा कि अपने कॉलेज पहुंच गया : डीसी

शाम में गाला नाइट का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डीसी अनन्य मित्तल उपस्थित थे. उन्होंने भी रिसर्च को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की. साथ ही कहा कि कॉलेज आकर उन्हें अपने कॉलेज के दिनों की याद आ गयी. साथ ही कहा कि जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज से बेहतर नाता रहा है. जमशेदपुर में अपने कार्यकाल के दौरान दो चुनाव कराया, दोनों में जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज का इस्तेमाल किया गया.

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