Jamshedpur News : सीएचओ ज्योति हत्याकांड : दूसरे से प्रेम संबंध का था शक, इसलिए ज्योति की हत्या की

Edited by RAJESH SINGH
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Jamshedpur News : एमजीएम थाना क्षेत्र के रुहीडीह स्थित आयुष्मान आरोग्यम मंदिर की सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) ज्योति कुमारी की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है.

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पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार डॉ विजय मोहन ने स्वीकारा

Jamshedpur News :

एमजीएम थाना क्षेत्र के रुहीडीह स्थित आयुष्मान आरोग्यम मंदिर की सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) ज्योति कुमारी की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है. ज्योति कुमारी की हत्या के आरोप में उनके लिव-इन पार्टनर डॉ. विजय मोहन सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. शुरुआत में डॉ विजय मोहन ने हत्या में अपनी संलिप्तता से इनकार किया था, लेकिन पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने के बाद उसने हत्या करने की बात स्वीकार कर ली.

पुलिस के अनुसार, डॉ विजय मोहन ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए बताया कि वह ज्योति के किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम संबंध को लेकर शक करता था. इस शक के कारण उसने ज्योति की हत्या करने का योजना बनायी. डॉ. विजय मोहन ने छोटे गैंता से ज्योति के सिर पर तीन वार किये, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी और बाद में उसकी मौत हो गयी.

आरोपी ने बताया कि वह पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम देना चाहता था. इसके लिए उसने ज्योति के भाई प्रेम प्रकाश महतो को बच्चों के साथ बाल कटवाने भेज दिया था, ताकि घर में कोई गवाह न हो. इसके बाद उसने बताया कि तीन-चार अज्ञात लोग आये और ज्योति पर हमला करके भाग गये.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिला, तीन दिनों से पड़ा है सीएचओ का शव

23 अप्रैल को रांची स्थित मेडिका अस्पताल में ज्योति कुमारी का इलाज के दौरान निधन हो गया था. इसके बाद मेडिकल बोर्ड का गठन कर ज्योति के शव का पोस्टमार्टम किया गया. पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने शक जताया कि ज्योति की मौत गोली लगने की वजह से हुई, हालांकि सिर में गोली के कोई निशान नहीं पाये गये. इसके बाद ज्योति के परिवार वालों को संदेह हुआ कि कहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिव-इन पार्टनर डॉ. विजय मोहन द्वारा कहीं गड़बड़ी न की जाये. परिवारवालों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की और शव को शीतगृह में रखवा दिया. पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया और घटना की जांच शुरू कर दी. पुलिस के अनुसार ज्योति के शव का फिलहाल अंतिम संस्कार नहीं किया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कारण अंतिम संस्कार रुका है. शव को ज्योति के मायके पक्ष के लोगों ने फिलहाल कांके शीतगृह में रखा है.ज्योति कुमारी के हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है और यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है.

पिता ने 30 डिसमिल जमीन ज्योति के नाम की थी

ज्योति कुमारी के पिता आर्मी में कार्यरत थे और उन्होंने दो शादियां की थीं. पहली पत्नी से एक बेटा था, जबकि दूसरी पत्नी से ज्योति और प्रेम प्रकाश महतो थे. पिता ने अपनी 65 डिसमिल जमीन में से 30 डिसमिल जमीन ज्योति के नाम की थी. ज्योति के पति भी आर्मी में थे, लेकिन उनका निधन हो गया था. डॉ. विजय मोहन और ज्योति की मुलाकात स्वास्थ्य विभाग में हुई थी. बाद में दोनों एक-दूसरे के करीब आये और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे थे.

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