chess vishakha and vihaan : 10 वर्षीय बेटे से शतरंज की बारीकियां सिखकर विशाखा गुप्ता कर रहीं कमाल

Edited by NESAR AHAMAD
Updated:
विज्ञापन

आप ने तो सुना ही होगा, कि सिखने की कोई उम्र नहीं होती. इस कहावत को तामोलिया आस्था वैली की रहने वाली 31 वर्षीय विशाखा गुप्ता ने सच कर दिखाया है.

विज्ञापन

जमशेदपुर. आप ने तो सुना ही होगा, कि सिखने की कोई उम्र नहीं होती. इस कहावत को तामोलिया आस्था वैली की रहने वाली 31 वर्षीय विशाखा गुप्ता ने सच कर दिखाया है. हाउस वाइफ विशाखा गुप्ता ने 13 अप्रैल को तुमरामडीह स्थित यूसीआइएल ऑफिसर क्लब में आयोजित द्वितीय यूसीआइएल ओपन शतरंज प्रतियोगिता के सीनियर महिला वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया. उन्होंने सात राउंड में कुल दो अंक अर्जित किये. विशाखा गुप्ता ने प्रभात खबर को बताया कि वह कोई प्रोफेशनल खिलाड़ी नहीं हैं. वह अपने बेटे से कुछ महीने से शतरंज की बारीकियां सीख रही हैं. उन्होंने बताया कि उनका बेटा विहान गुप्ता (10 वर्षीय) जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग हासिल करता है. बेटा क्लास से लौटकर मुझे ट्रेनिंग देता है. बेटे से ट्रेनिंग हासिल करके वह चेस को अच्छी तरह से समझने लगी है. इससे पहले भी वह जिला स्तरीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुकी हैं. उन्होंने बताया कि वह आगे भी बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहती हैं. रोजाना अपने बेटे को ट्रेनिंग के लिए जेआरडी लेकर जाने वाली विशाखा गुप्ता ने बताया कि जब, उनका बेटा क्लास में चल जाता है तो, वह बाहर बैठकर बेटे द्वारा बताए गये चाल का प्रैक्टिस करती है. विहान गुप्ता जिला व स्टेट चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
NESAR AHAMAD

लेखक के बारे में

By NESAR AHAMAD

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola