झारखंड : जमशेदपुर शहर के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर्स 27 अप्रैल को रहेंगे बंद, नहीं होगी कोई जांच

Updated at : 26 Apr 2023 10:17 PM (IST)
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झारखंड : जमशेदपुर शहर के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर्स 27 अप्रैल को रहेंगे बंद, नहीं होगी कोई जांच

जमशेदपुर शहर के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर्स गुरुवार को बंद रहेंगे. वहीं, आईएमए ने जिला प्रशासन के पहल नहीं करने पर अनिश्चितकालीन बंदी की चेतावनी दी है.

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Jharkhand News: जमशेदपुर शहर के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर गुरुवार को बंद रहेंगे. कोई भी रेडियोलॉजिस्ट अल्ट्रासाउंड में काम नहीं करेंगे. आईआरआईए (इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन) और आईएमए की संयुक्त बैठक में बुधवार को यह निर्णय लिया गया. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सचिव डॉ सौरभ कुमार ने बताया कि 27 अप्रैल को अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन पर रोक के विरोध में सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को बंद करने का निर्णय लिया गया है. आईएमए ने चेतावनी दी कि प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता है तो सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जायेगा. आईएमए डीसी से हाइकोर्ट में पहल करने या नया आवेदन दाखिल करने की अनुमति देने की मांग की है.

स्वास्थ्य विभाग और पूर्व सिविल सर्जन की गलतियों का खामियाजा भुगत रहा अल्ट्रासाउंड सेंटर्स

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सचिव डॉ सौरभ कुमार ने कहा कि पूर्व सिविल सर्जन डाॅ महेश्वर प्रसाद और स्वास्थ्य विभाग की गलती गलती का खामियाजा अल्ट्रासाउंड सेंटरों व मरीज को भुगतना पड़ रहा है. अल्ट्रासाउंड संचालकों ने लाइसेंस रिन्यूअल का आवेदन किया था. सिविल सर्जन कार्यालय में कई माह तक फाइल लंबित रही. रिटायर होने से तीन दिन पहले पूर्व सिविल सर्जन ने रिन्यूअल का पत्र जारी कर दिया जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था. स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों ने भी सेंटरों की जांच में इस गड़बड़ी को नहीं पकड़ा.

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क्या है मामला

बागबेड़ा निवासी कुमार मनीष ने वर्ष 2020 में गलत तरीके से जमशेदपुर सिविल सर्जन के द्वारा अल्ट्रासाउंड सेंटरों को अनुज्ञप्ति निर्गत कर देने की शिकायत की थी. उनका आरोप था कि पूर्व सिविल सर्जन डॉ महेश्वर प्रसाद ने अपनी सेवानिवृति के तीन दिन पहले जारी किया. जबकि उस समय कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लगा था. साथ ही सिविल सर्जन इसके लिए अधिकृत पदाधिकारी नहीं थे. पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने माना कि अल्ट्रासाउंट क्लिनिक खोलने के लिए प्राधिकृत पदाधिकारी उपायुक्त हैं. इसलिए कोर्ट ने सभी सेंटर्स के रजिस्ट्रेशन पर स्टे लगा दिया.

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