जीएसटी. रांची में एडवाइजरी कमेटी की बैठक, इ वेब बिल, ब्रांडेड, पेनाल्टी, कंपाेजिट पर उठी आवाज
जमशेदपुर : झारखंड में निबंधित 87 हजार व्यवसायियाें में से 30 हजार से अधिक व्यवसायियाें ने जीएसटी में इनराेलमेंट नहीं कराया है. जिन 57 हजार व्यवसासियाें ने जीएसटी में इनराेलमेंट किया है, उनमें मात्र 45 हजार ने ही एप्लीकेंशन रिफरेंस नंबर (एआरएन) हासिल किया है. एआरएन लेने तक व्यवसासियों को किसी तरह का लाभ जीएसटी में नहीं मिलेगा.
1 जून से फिर से 15 दिनाें के लिए जीएसटी में निबंधन के लिए बड़े स्तर पर शिविर आैर कार्यशाला आयाेजित करने का फैसला गुरुवार काे रांची में एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया गया. प्राेजेक्ट भवन में आयाेजित बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य कर विभाग के आयुक्त केके खंडेलवाल ने की. बैठक में संयुक्त उत्पाद की आयुक्त माेनिका बत्रा भी माैजूद थी. बैठक में सिंहभूम चेंबर अॉफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुरेश साेंथालिया आैर उपाध्यक्ष मानव केडिया ने भी शिरकत की.
बैठक के संबंध में मानव केडिया ने बताया कि जीएसटी में छह माह तक पेनाल्टी प्राेविजन काे सस्पेंड रखने काे कहा गया है. इ वे बिल की परमिट लिमिट 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख करने व इ वेब बिल काे रद्द करने की समय सीमा बढ़ाकर तीन दिन करना चाहिए. टैक्स फ्री वस्तुआें काे इ वेब बिल के दायरे से बाहर करना चाहिए. जीएसटी में कार्य संवेदन का कंपाेजिट निबंधन खत्म कर दिया गया है, जिसकाे लेकर आपत्ति जतायी गयी. इन सभी मामलाें पर रिपाेर्ट बनाकर आयुक्त दिल्ली जीएसटी काउंसिल काे भेजेंगे. तीन जून काे बैठक हाेनी है, जिसे सुधार का अधिकार है. 17 जून काे केंद्रीय राजस्व सचिव अशाेक दाहिया झारखंड दाैरे पर आ रहे हैं, जीएसटी की तैयारियाें के साथ-साथ वे व्यवसायिक संगठनाें से भी मिलेंगे.
