जमशेदपुर : 14 साल का जगजीवन अजीबोगरीब बीमारी से परेशान है. पश्चिम सिंहभूम के टोंटो बांकी निवासी जगजीवन की जीभ से सटा बड़ा मांस का टुकड़ा शनिवार रात खांसी के साथ मुंह में आ गया है. वह फिर से गले में जाकर न फंस जाये यह सोचकर कल रात 12 बजे से परिजनों ने उसे पकड़कर रखा है. परेशान परिजन उसे लेकर पहले चाईबासा सदर अस्पताल फिर रविवार की सुबह एमजीएम पहुंचे. यहां डॉक्टरों को समझ नहीं आया कि बच्चे को क्या बीमारी है. डॉक्टरों ने कहा कि लंबी नौकरी में ऐसी बीमारी नहीं देखी. लिहाजा बच्चे को डॉक्टरों ने टीएमएच रेफर कर दिया. हालांकि बाद में टीएमएच से जगजीवन को डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया है. बांकी हाई स्कूल के चौथी के छात्र जगजीवन के पिता सुलेमन ने बताया कि मांस का टुकड़ा भीतर न चला जाये इसे लेकर वे लोग परेशान है. मुंह में मांस का टुकड़े फंसे होने से बच्चा खाना नहीं खा पा रहा. किसी तरह वह सिर्फ पानी पी पा रहा है.
एमजीएम में पहली बार आया ऐसा केस
इएनटी के डॉ वीरेंद्र ने बताया कि एमजीएम अस्पताल में पहली बार ऐसा केस आया है. ऐसा लगता है कि बच्चे के गले के भीतर मांस बढ़ गया है जो खांसी के दौरान मुंह में आ गया.
यह काफी दिनों से उसके गले में बढ़ रहा होगा. बाहर आने के बाद खून की नली में कही से रूकावट आ रही है जिसके कारण मांस का टुकड़ा नीला पड़ने के साथ ही फूल गया है. अब ऑपरेशन ही इसका एक मात्र उपाय है. एमजीएम में इस तरह के ऑपरेशन की कोई सुविधा नहीं है. क्योंकि गले के अंदर की बात है सबसे पहले इसकी जांच करनी होगी कि वह मांस का टुकड़ा कहां से जुड़ा है इसके बाद ही उसका ऑपरेशन संभव है.
