चैती दुर्गापूजा. महाष्टमी पर विभिन्न जगहों पर की गयी मां गौरी की पूजा-अर्चना
11 बजे नवमी का होगा हवन
आदित्यपुर/गम्हरिया : चैती दुर्गापूजा के महाष्टमी के मौके पर मंगलवार को विभिन्न स्थलों पर मां गौरी की पूजा-अर्चना की गयी. वहीं बुधवार को महानवमी के अवसर पर पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी. इसके अलावा गुरुवार को अलग-अलग जगहों से जुलूस निकाली जायेगी. रायडीह में शुरू हुई थी चैती दुर्गापूजा. चैती दुर्गापूजा की शुरुआत आदित्यपुर में आज से करीब 25 साल पहले रायडीह स्थित काली मंदिर में हुई थी. मंदिर के संस्थापक स्व पं गौड़चंद्र चटर्जी ने यह पूजा शुरू की थी. यह जानकारी मंदिर से जुड़े श्रद्धालु समाजसेवी ओम प्रकाश ने दी. मंगलवार को यहां महाअष्टमी की पूजा हुई.
इसमें सैकड़ों महिला-पुरुषों ने पुष्पांजलि में शामिल हुए. पं सौमिक चटर्जी, देबू चटर्जी व बापी चटर्जी ने पूरे विधि-विधान से पूजा का अनुष्ठान सम्पन्न कराया. पूजा के बाद भोग वितरण किया गया. बुधवार को 11 बजे नवमी का हवन होगा. आदित्यपुर में इसके अलावा एमआइजी, रेलवे कॉलोनी व आदित्यपुर बस्ती में उक्त पूजा का आयोजन किया गया. महाष्टमी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़. बासंतिक दुर्गापूजा के महाष्टमी के मौके पर मंगलवार को विभिन्न स्थलों में मां गौरी की पूजा-अर्चना की गयी. इस दौरान सतबोहनी, बड़ा गम्हरिया, रापचा, कांड्रा व ईटागढ़ में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गयी. सार्वजनिक बासंतिक दुर्गापूजा समिति सतबोहनी के अध्यक्ष सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि उनके द्वारा 1975 से मां की पूजा धूमधाम से की जा रही है. अष्टमी के मौके पर लगभग 1200 श्रद्धालुओं ने माता के समक्ष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में खुशहाली की कामना की गयी. इस अवसर पर पुजारी गोपीनाथ मुखर्जी, बंकिम चौधरी, सुभाष गोराई, शशिभूषण दास, कानू किशोर गोराई, सुनील दास व गुणाधर दास समेत आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे.
जुलूस निकालने की तैयारी अंतिम चरण में, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद
