जमशेदपुर. राज्य सरकार की आकांक्षा योजना के तहत इंजीनियरिंग व मेडिकल की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए जिले भर के सरकारी उच्च विद्यालयों से चयनित छात्र-छात्राओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग क्लास तो शुरू कर दी गयी, लेकिन उनके रहने खाने की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है.
ये बच्चे गरीब तबके के हैं. स्थिति यह है कि चयनित कई छात्र-छात्राएं जिले के पटमदा व बोड़ाम प्रखंड से शहर के बर्मामाइंस स्थित बीपीएम प्लस टू हाई स्कूल में कोचिंग क्लास करने के लिए रोजाना आते हैं. ये छात्र-छात्राएं बताते हैं कि सुबह 6:00 बजे अपने घर से निकलते हैं और 8:00 बजे बीपीएम हाई स्कूल पहुंचते हैं. फिर दोपहर 12:00 बजे यहां से लौटते हैं.
ऐसे में वे स्कूल में भी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पा रहे हैं. आने-जाने में भी काफी खर्च हो रहा है. ये छात्र-छात्राएं मंगलवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) कार्यालय पहुंचे थे, ताकि अपनी परेशानी बताते हुए कम से कम यहीं रहने और 12वीं की क्लास करने की व्यवस्था हो सके. लेकिन डीइओ आरकेपी सिंह से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. उस दौरान श्री सिंह ‘पंख’ कार्यक्रम के उदघाटन समारोह में शामिल होने भाटिया बस्ती गये थे. करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद छात्र-छात्राएं लौट गये.

