ईचा-खरकई डैम के नाम पर 150 गांव के लाेगाें काे विस्थापित करने की याेजना बनायी गयी है. वास्तव में सरकार की मंशा आदिवासी-मूलवासियाें को खत्म करने की है. श्री सोरेन ने कहा कि पूंजीपतियाें काे राज्य में स्थापित करने के लिए सरकार आदिवासियाें-मूलवासियाें की जमीन का बड़े स्तर पर अधिग्रहण कर रही है.
सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ झामुमाे नेताअाें का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलेगा. संवाददाता सम्मेलन में विधायक कुणाल षाड़ंगी, खरसावां के विधायक दशरथ गागराई, चाईबासा के विधायक दीपक बिरुआ, चक्रधरपुर के विधायक शशि भूषण सामद, झामुमाे जिलाध्यक्ष रामदास साेरेन, जिला सचिव लालटू महताे, केंद्रीय महासचिव माेहन कर्मकार, राजू गिरी, गणेश चाैधरी, सरायकेला-खरसावां के जिलाध्यक्ष रंजीत प्रधान, झायुमाे के जिलाध्यक्ष महावीर मुर्मू, केंद्रीय सदस्य वकील मंडल माैजूद थे.

