जमशेदपुरः पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (पीपीपी) पर अधिकांश सरकारी कार्य किये जायेंगे. यह जानकारी राज्य के मुख्य सचिव आरएस शर्मा (रामसेवक शर्मा) ने दी.
श्री शर्मा मंगलवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) के इंटरैक्शन सेशन को संबोधित कर रहे थे. उनके साथ यहां उद्योग सचिव एपी सिंह और पर्यटन सह एविएशन सचिव सजल चक्रवर्ती भी मौजूद थे. एपी सिंह ने बताया कि सीआइआइ के साथ वे लोग चाहते हैं कि संयुक्त रूप से टास्क फोर्स बनाया जाये. इसके माध्यम से ही काम किया जाये. सरकार का काम उद्योग लगाना नहीं बल्कि ऐसी पॉलिसी बनाना है, जिससे सारा काम सही तरीके से चलाया जा सके.
मुख्य सचिव ने बताया कि पीपीपी के तहत सड़कें बनायी जायेंगी. इसके लिए निजी कंपनियों को साथ लिया जा रहा है. शहरों की सड़कों को नये सिरे से बनाया जायेगा. इसके अलावा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम में भी प्राइवेट कंपनियों को ही काम पर लगाया जायेगा. पथ परिवहन निगम का गठन नहीं हो पाया है, लेकिन झारखंड में भी अलग से इसकी व्यवस्था की जायेगी, जिसके तहत प्राइवेट पार्टी के तहत यहां के बस अड्डा से लेकर बसों का परिचालन सुनिश्चित कराया जायेगा. पानी की आपूर्ति की समस्या भी कई इलाके में है. इनका निराकरण करना आवश्यक है, जिसके लिए झारखंड सरकार को पार्टनर की जरूरत है. इसको लेकर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है. सीआइआइ को इसके लिए पार्टनर बनाया जा सकता है. मुख्य सचिव ने बताया कि जेएलएनयूआरएम की योजना धरातल पर नहीं उतर पायी है. इसको लेकर विशेष कदम उठाने की जरूरत है. कार्यक्रम का संचालन झारखंड के सीआइआइ अध्यक्ष सह आरएसबी के प्रबंध निदेशक एसके बेहरा ने किया. धन्यवाद ज्ञापन टाटा स्टील के उपाध्यक्ष और सीआइआइ के वाइस चेयरमैन टीवी नरेंद्रन ने किया.